भाजपा नेता एवं श्री बदरीनाथ–केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के पूर्व अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने मंगलवार को मुख्य सचिव आनंदवर्धन से भेंट कर प्रदेश में तीर्थाटन की संभावनाओं और उनके विकास पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में तीर्थाटन की असीम संभावनाएं हैं और इनके सुनियोजित विकास के लिए ठोस व समग्र नीति की आवश्यकता है।
अजेंद्र अजय ने बताया कि प्रदेश में अनेक ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व के मंदिर एवं तीर्थ स्थल मौजूद हैं, जिनमें आधारभूत ढांचा मजबूत करने से श्रद्धालुओं की पहुंच आसान होगी और स्थानीय स्तर पर आर्थिकी के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने आग्रह किया कि सरकार को प्रमुख मंदिरों के लिए विस्तृत विकास योजना तैयार करनी चाहिए।
साथ ही उन्होंने हिमाचल प्रदेश में लागू हिमाचल प्रदेश हिंदू पब्लिक रिलिजियस इंस्टीट्यूशंस एंड चैरिटेबल एंडोमेंट्स एक्ट–1984 का अध्ययन कर इसके उपयोगी प्रावधान उत्तराखंड में भी लागू करने पर विचार करने की बात कही। उन्होंने हाल ही में हिमाचल हाई कोर्ट द्वारा मंदिर प्रबंधन, वित्तीय पारदर्शिता और भ्रष्टाचार रोकथाम संबंधी दिए गए निर्देशों को भी संदर्भित करते हुए कहा कि उत्तराखंड में सरकारी नियंत्रण वाले मंदिरों के बेहतर प्रबंधन और विकास के लिए ऐसे प्रावधान लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं।
Reported By: Arun Sharma












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