अतिक्रमण के नाम पर रेड़ी-पटरी के लघु व्यापारियों के उत्पीड़न और शोषण के विरोध में लघु व्यापार एसोसिएशन ने नगर निगम परिसर में धरना प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष संजय चोपड़ा के नेतृत्व में लघु व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधि नगर निगम के पुराने सभागार से जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए नगर निगम पहुंचे और प्रांगण में धरने पर बैठ गए।
धरना प्रदर्शन के दौरान लघु व्यापारियों ने नगर निगम और शासन-प्रशासन से मांग की कि पूर्व में चिन्हित सभी वेंडिंग जोन में साइन बोर्ड और पटशीला लगाकर उन्हें स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए। साथ ही अतिक्रमण अभियान के दौरान नगर निगम द्वारा जारी विक्रय प्रमाण पत्र और लाइसेंस के आधार पर सभी स्ट्रीट वेंडर्स की पहचान कर उन्हें उत्तराखंड नगरीय फेरी नीति नियमावली के तहत संरक्षण और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय चोपड़ा ने कहा कि नगर निगम प्रशासन द्वारा पूर्व में 15 वेंडिंग जोन चिन्हित किए गए थे, लेकिन इनमें से केवल तीन वेंडिंग जोन ही विकसित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में 2,545 रेड़ी-पटरी स्ट्रीट वेंडर्स पंजीकृत हैं। उन्होंने मांग की कि शेष 12 वेंडिंग जोन में पंजीकृत लघु व्यापारियों को व्यवस्थित रूप से बसाने के लिए तत्काल फेरी समिति की बैठक बुलाई जाए।
संजय चोपड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संयुक्त नेतृत्व में पीएम स्वनिधि योजना के तहत डिजिटल लेनदेन और बैंक ऋण प्रक्रिया से जुड़े लघु व्यापारियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने सार्वजनिक स्थलों के नजदीक अलग से वेंडिंग जोन के रूप में बाजार विकसित कर लघु व्यापारियों को स्वरोजगार के लिए स्थान उपलब्ध कराने की मांग की।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय चोपड़ा
धरने के दौरान नगर आयुक्त नंदन कुमार और मेयर प्रतिनिधि सुभाष जैसल मौके पर पहुंचे। उन्होंने लघु व्यापारियों की समस्याएं सुनीं और आश्वासन दिया कि आगामी 14 सितंबर को नगर आयुक्त नंदन कुमार की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर समस्याओं के समाधान पर चर्चा की जाएगी।
नगर आयुक्त के आश्वासन के बाद लघु व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपना धरना प्रदर्शन स्थगित कर दिया।
Reported By: Arun Sharma












Discussion about this post