राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तराखण्ड ने अपनी लंबित मांगों को लेकर शासन की उदासीनता पर कड़ा रोष जताया है। परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पांडे ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने सचिवालय स्थित कार्यालय में मुख्य सचिव उत्तराखण्ड से भेंट कर विभिन्न लंबित मामलों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि परिषद के मांग पत्र पर शासन स्तर पर कई बैठकों में निर्णय लिए गए थे, लेकिन अब तक उन पर अमल के लिए कोई ठोस बैठक आयोजित नहीं की गई, जिससे कर्मचारियों में भारी असंतोष है।
अरुण पांडे ने बताया कि एसीपी के तहत पदोन्नत वेतनमान, गोल्डन कार्ड में कैशलेस ओपीडी व जांच सुविधा, वेतन विसंगतियों के समाधान, वाहन भत्ता वृद्धि, पदोन्नति नियमों में शिथिलीकरण, एनपीएस के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना लागू करने, आठवें वेतन आयोग को लेकर सुझाव शामिल करने सहित कुल 18 प्रमुख मांगें लंबे समय से लंबित हैं। परिषद का आरोप है कि बार-बार अनुरोध के बावजूद शासन स्तर पर न तो बैठक हो रही है और न ही निर्णय लिया जा रहा है।
परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही मुख्य सचिव की अध्यक्षता में संबंधित विभागों के साथ बैठक आयोजित कर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो कर्मचारी किसी भी समय आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महामंत्री शक्ति प्रसाद भट्ट एवं कोषाध्यक्ष रविंद्र सिंह चौहान भी शामिल रहे। परिषद ने उम्मीद जताई है कि शासन शीघ्र हस्तक्षेप कर कर्मचारियों की जायज मांगों का निस्तारण करेगा।
Reported By: Arun Sharma












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