उत्तराखंड के पहाड़ी अंचलों में बसे बागेश्वर जिला से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। धामी सरकार को चेताने के उद्देश्य से बागेश्वर जनपद के बागेश्वर, गरुड़ और कपकोट—तीनों विकासखंडों की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने एकजुट होकर जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने जिलाधिकारी बागेश्वर के माध्यम से उत्तराखंड सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने सरकार से मांग की है कि उनका न्यूनतम मानदेय 18 हजार रुपये किया जाए और वर्षों से चली आ रही मानदेय की विसंगतिपूर्ण परिपाटी को समाप्त किया जाए।आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का कहना है कि सीमित मानदेय में महंगाई के इस दौर में परिवार का भरण-पोषण करना बेहद कठिन हो गया है, जबकि उनसे लगातार कार्यभार बढ़ाया जा रहा है।
वहीं इस आंदोलन को स्थानीय नेता बसंत कुमार का भी समर्थन मिल गया है। बसंत कुमार ने सरकार से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की जायज़ मांगों को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र स्वीकार करने की अपील की है। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की इन मांगों पर क्या निर्णय लेती है, या फिर यह आंदोलन और तेज़ रूप अख्तियार करता है।
विमला कोहली, प्रदेश उपाध्यक्ष आंगनबाड़ी संगठन उत्तराखंड
बसन्त कुमार, स्थानीय नेता बागेश्वर
Reported By: Praveen bhardwaj












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