सैन्यधाम परियोजना को लेकर उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सैनिक विभाग ने सोमवार को शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। कांग्रेस भवन में एकत्र होने के बाद पूर्व सैनिक विभाग के पदाधिकारी और कार्यकर्ता सैन्यधाम पहुंचे। यहां शहीदों और सैनिकों को नमन कर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। सैन्यधाम की लागत, खर्च, निर्माण कार्य और परियोजना की प्रगति को लेकर कांग्रेस ने सरकार से विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
सैन्यधाम को लेकर निर्माण में देरी और लागत बढ़ने के सवाल पहले भी सार्वजनिक रूप से उठते रहे हैं। हालिया रिपोर्टों में परियोजना की लागत और अतिरिक्त बजट को लेकर भी सवाल सामने आए हैं। वहीं, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सितंबर में कहा था कि सैन्यधाम का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और अक्टूबर-नवंबर में लोकार्पण प्रस्तावित है।
परियोजना का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग
पूर्व सैनिक विभाग के अध्यक्ष कर्नल राम रतन नेगी ने कहा कि सैन्यधाम शहीद सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान से जुड़ा विषय है। उन्होंने सरकार से परियोजना की कुल स्वीकृत लागत, अब तक हुए खर्च, कार्यादेश, टेंडर, संशोधन और वर्तमान निर्माण प्रगति का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की।
उन्होंने पूछा कि परियोजना की लागत में कितनी बार संशोधन हुआ, किस एजेंसी को कौन सा काम दिया गया और कितना काम पूरा हो चुका है। कांग्रेस ने पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच की मांग भी उठाई। इसी तरह के सवाल कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग की ओर से पहले भी उठाए गए हैं।
गणेश जोशी के बयान पर इस्तीफे की मांग
कर्नल नेगी ने सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी के सैन्यधाम से चुनावी लाभ लेने संबंधी बयान की आलोचना की। धरने में मौजूद पूर्व सैनिकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे पर मंत्री के इस्तीफे की मांग का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल भी हाल में सैन्यधाम को लेकर मंत्री के इसी बयान पर सवाल उठा चुके हैं और परियोजना की वास्तविक लागत तथा खर्च पर सरकार से श्वेतपत्र जारी करने की मांग कर चुके हैं।
सुजाता पॉल ने उठाए अन्य मुद्दे
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की उपाध्यक्ष सुजाता पॉल ने गणेश जोशी से जुड़े विभिन्न विभागीय और राजनीतिक मुद्दों का जिक्र करते हुए सरकार से जवाबदेही की मांग की। उन्होंने उद्यान विभाग से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों, मसूरी विधानसभा क्षेत्र में जंगलों के कटान और पर्यावरणीय क्षति, नियमों के विपरीत भूमि दिए जाने के आरोपों तथा रेहड़ी-पटरी कारोबारियों से जुड़े मामलों का मुद्दा उठाया।
वहीं कांग्रेस प्रवक्ता एवं अधिवक्ता पंकज क्षेत्री ने गणेश जोशी से जुड़े आय से अधिक संपत्ति के मामले और न्यायालय की कार्यवाही को लेकर उनके सार्वजनिक बयानों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि न्यायालय में विचाराधीन मामलों को लेकर सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों को न्यायिक प्रक्रिया और संस्थाओं की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।
‘सैन्यधाम का हिसाब दो’ के तहत पूछे सवाल
धरना स्थल पर कांग्रेस ने ‘सैन्यधाम का हिसाब दो’ अभियान के तहत सरकार के सामने कई सवाल रखे—
- सैन्यधाम की स्वीकृत लागत कितनी है?
- अब तक परियोजना पर कितना खर्च हुआ?
- लागत में कितनी बार संशोधन किया गया?
- किस एजेंसी को कौन सा कार्य सौंपा गया?
- अब तक कितना निर्माण कार्य पूरा हुआ?
- शेष कार्य कब तक पूरा किया जाएगा?
धरना स्थल पर एक खाली कुर्सी भी रखी गई, जिस पर ‘जवाबदेह सरकार के प्रतिनिधि के लिए’ लिखा था। कांग्रेस की ओर से संबंधित अधिकारी को वार्ता के लिए आमंत्रित किया गया।
दो प्रस्ताव और मांग-पत्र सरकार को सौंपा
कार्यक्रम में सैन्यधाम की परियोजना लागत, व्यय, निविदाओं, कार्यादेश, संशोधनों, वर्तमान प्रगति और समयसीमा को सार्वजनिक करने तथा स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग वाला प्रस्ताव पारित किया गया।
पूर्व सैनिक विभाग और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि सैन्यधाम शहीदों के सम्मान से जुड़ी परियोजना है, इसलिए इसके निर्माण और खर्च से संबंधित जानकारी सार्वजनिक होना जरूरी है। धरने में पारित दोनों प्रस्ताव और मांग-पत्र एसओ राजपुर पीडी भट्ट के माध्यम से सरकार को भेजे गए।
Reported By: Arun Sharma












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