जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल योजनाओं में लंबे समय से लंबित भुगतान को लेकर उत्तराखंड के ठेकेदारों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। विभाग पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए देवभूमि जल शक्ति कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन, देहरादून के बैनर तले प्रदेशभर के ठेकेदार बुधवार, 2 सितंबर 2026 को राजधानी देहरादून में विशाल आंदोलन, सचिवालय कूच और धरना प्रदर्शन करेंगे।
एसोसिएशन का आरोप है कि जल जीवन मिशन के तहत किए गए कार्यों का भुगतान लंबे समय से अटका हुआ है। भुगतान नहीं होने के कारण प्रदेश के अनेक ठेकेदार गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
तीन दिन का समय देने के बाद भी कार्रवाई नहीं
एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने बताया कि पिछले दिनों सचिव, पेयजल निगम के साथ हुई बैठक के बाद मुख्यमंत्री को समस्या के समाधान के लिए तीन दिन का समय दिया गया था। उनका आरोप है कि निर्धारित समय बीतने के बावजूद शासन स्तर पर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि शासन और विभाग की कथित उदासीनता के चलते प्रदेशभर के ठेकेदार अब अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरने के लिए मजबूर हैं।
11 बजे होगी जनसभा, फिर सचिवालय कूच
एसोसिएशन के अनुसार आंदोलन के तहत 2 सितंबर को सुबह 11 बजे SWSM कार्यालय, इंदर रोड, देहरादून में ठेकेदारों की जनसभा और संबोधन होगा। इसके बाद सुबह 11:30 बजे SWSM कार्यालय से उत्तराखंड सचिवालय की ओर कूच किया जाएगा। सचिवालय पहुंचकर ठेकेदार अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन करेंगे।
रुके भुगतान के तत्काल निस्तारण की मांग
ठेकेदारों की प्रमुख मांग है कि जल जीवन मिशन के तहत लंबित सभी भुगतानों का तत्काल निस्तारण किया जाए। इसके साथ ही एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले पर स्वयं स्पष्टीकरण देने की मांग की है।
अमित अग्रवाल ने कहा कि यह आंदोलन ठेकेदारों के अधिकार और न्याय की लड़ाई है। उन्होंने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया से आंदोलन की कवरेज कर उनकी मांगों को शासन और आम जनता तक पहुंचाने में सहयोग की अपील की है।
लंबित भुगतान को लेकर ठेकेदारों के आंदोलन के ऐलान से राजधानी देहरादून में प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की चुनौती भी बढ़ सकती है।
Reported By: Arun Sharma












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