उत्तराखंड के लोक भवन में बुधवार को ‘एक शाम सैनिकों के नाम’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) और सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सहभागिता की। इस अवसर पर सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक तथा शहीदों के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी गई, जिससे पूरा सभागार राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग गया। राज्यपाल द्वारा ट्रॉफी का अनावरण किया गया तथा कुछ वीर सेनानियों के परिवारों को मृत्यु उपरांत पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। वीर माताओं और वीरांगनाओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने कहा कि यह शाम पूरी तरह सैनिकों के नाम समर्पित है। उन्होंने उपस्थित वीर माताओं और वीरांगनाओं को नमन करते हुए उनके बलिदान को देश की सबसे बड़ी पूंजी बताया। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत 2047 तक विश्व गुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। साथ ही उत्तराखंड पर्यटन और उत्पाद क्षेत्रों में निरंतर प्रगति कर रहा है।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि जिन वीर माताओं ने देश की रक्षा के लिए अपना सुहाग न्योछावर किया है, उन्हें उनका नमन है। उन्होंने उत्तराखंड को वीरों की भूमि बताते हुए कहा कि देश की सेवा करने वाला हर पांचवां सैनिक उत्तराखंड से होता है। मंत्री ने बताया कि प्रदेश में देश का पहला सैन्य धाम बनाया जा रहा है तथा सेना की तैयारी के लिए सरकार द्वारा युवाओं को एक लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सीमाओं पर तैनात सैनिकों के सम्मान और सुविधाओं को लेकर लगातार कार्य कर रहे हैं।
Reported By: Rajesh Kumar












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