
देहरादून: उत्तराखंड में ‘हर घर जल’ के राष्ट्रीय संकल्प को धरातल पर उतारने वाले जल जीवन मिशन के ठेकेदार अब अपने वैध भुगतानों के लिए सड़क पर उतर आए हैं। लंबित भुगतानों, सिक्योरिटी डिपाजिट की वापसी और प्रशासनिक उत्पीड़न के विरोध में देवभूमि जल शक्ति कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले ठेकेदारों ने आज (13 अक्टूबर 2026) एसडब्ल्यूएसएम (SWSM) कार्यालय, इंद्र रोड, देहरादून में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और हड़ताल शुरू कर दी है।
ठेकेदारों का आरोप: महीनों से चक्कर काटने को मजबूर, आर्थिक संकट गहराया
एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने अपने संबोधन में सरकार और विभाग पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों, विषम मौसम और सीमित संसाधनों के बीच अपनी पूंजी व बैंक ऋण लगाकर योजना को पूरा करने वाले ठेकेदार आज अपने ही पैसों के लिए दर-दर ठोकर खाने को विवश हैं।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “यदि आज शाम तक हमारी मांगों पर विचार-विमर्श नहीं किया गया और मुख्यमंत्री या सचिव स्तर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला, तो कल से प्रदेशभर के सभी ठेकेदार जल जीवन मिशन की परियोजनाओं में जलापूर्ति (पानी) बंद करने के लिए बाध्य होंगे।” वहीं, पिथौरागढ़ से आए ठेकेदार ललित कन्याल ने चेतावनी दी कि यदि मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो वे यहीं अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे।
एसोसिएशन की प्रमुख मांगें:
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लंबित भुगतानों का तत्काल निस्तारण: जल जीवन मिशन के तहत निष्पादित और मापित समस्त कार्यों के अंतिम बिल, रोकी गई धनराशि, सिक्योरिटी डिपॉजिट, टीपीआई और टेस्टिंग से जुड़े सभी देयकों का भुगतान निश्चित समयसीमा में किया जाए।
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दंडात्मक कार्रवाई पर रोक: जिन योजनाओं में बजट या विभागीय कमियों के कारण विलंब हुआ है, उनमें ठेकेदारों के खिलाफ की जा रही एकतरफा ब्लैकलिस्टिंग, रिकवरी, ‘रिस्क एंड कॉस्ट’ जैसी दंडात्मक कार्रवाइयों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
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भुगतान प्रक्रिया का सरलीकरण: बिलों के भुगतान में अनावश्यक औपचारिकताओं और फाइलों को लटकाने की प्रवृत्ति को समाप्त कर प्रत्येक स्तर पर समयसीमा तय की जाए।
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थर्ड पार्टी क्लीयरेंस: थर्ड पार्टी द्वारा योजना पूर्ण घोषित होने के बाद ठेकेदार की जिम्मेदारी समाप्त मानी जाए और अन्य किसी कारण से उनका भुगतान न रोका जाए।
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समान नियम: रेट्रोफिटिंग, एम.वी.एस. और एस.वी.एस. जैसी श्रेणियों के नाम पर भेदभाव बंद कर सभी योजनाओं में एक समान नियमों से भुगतान हो।
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उच्चस्तरीय बैठक: सभी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए माननीय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पेयजल सचिव, मिशन निदेशक और ठेकेदार संगठन के प्रतिनिधियों की संयुक्त उच्चस्तरीय बैठक बुलाई जाए।
धरना-प्रदर्शन में ये रहे मौजूद
इस विरोध प्रदर्शन और हड़ताल के दौरान अध्यक्ष अमित अग्रवाल, उपाध्यक्ष सचिन मित्तल, महासचिव सुनील गुप्ता, बृजमोहन, गौरव गोयल, अंकित सलार, भरत सिंह पवार, ललित कन्याल, जीता राम सैनी, गोविंद सिंह बिष्ट, राजेंद्र सिंह, मोहित पवार, रजत सिंघल, जेपी अग्रवाल, केशव सिंह, सुनील जोशी और जगजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में ठेकेदार उपस्थित रहे।
Reported By: Arun Sharma













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