
ऋषिकेश में दशहरा मेले में हज़ारो लोगो के आकर्षण का केंद्र रावण मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले होते है।
जिन्हें विशेष समुदाय के कारीगरों द्वारा तैयार किया जाता है ऋषिकेश में त्रिवेणीघाट सहीत विभिन्न स्थानों पर इन विशाल पुतलो को मुस्लिम लोग बनाने का काम करते है वर्षों से चली आ रही ख़ानदानी प्रम्परा को तीसरी पीढ़ी के द्वारा भी किया जा रहा है
मुजफ्फरनगर निवासी शफ़ीक़ अहमद ने बताया कि पिछले कई दशकों से उनका परिवार रावण मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले बनाने का कार्य कर रही तीसरी पीढ़ी भी इसी कार्य में रुचि रखती है पुतलो को बनाने में लगभग डेढ़ महीने का वक्त लग जाता है। इस वर्ष उनके द्वारा 15..पुतलों को बनाया गया है।
शफ़ीक़ अहमद, कारीगर
Reported By: Praveen Bhardwaj













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