
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा का दो दिवसीय कार्यक्रम शनिवार को संपन्न हो गया। कार्यक्रम के पहले दिन मां गंगा की आरती और भगवान चित्रगुप्त की कथा का आयोजन किया गया, जबकि दूसरे और अंतिम दिन महासभा की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद सुबोधकांत सहाय तथा प्रदेश अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
करीब दो घंटे तक चली बैठक में महासभा के विभिन्न पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे और संगठन की मजबूती तथा समाज की भूमिका को लेकर चर्चा की। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष सुबोधकांत सहाय ने कायस्थ समाज से एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज के सभी लोगों को अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देने के साथ सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर भी संगठित रहना जरूरी है।
सुबोधकांत सहाय ने कायस्थ समाज में बढ़ते बिखराव पर चिंता जताते हुए कहा कि समाज की सामूहिक ताकत उसकी एकजुटता में निहित है। यदि समाज के लोग अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ एक संगठन के रूप में भी आगे बढ़ेंगे, तभी सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर अपनी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित कर सकेंगे।
उन्होंने महासभा के सदस्यों और पदाधिकारियों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने तथा संगठन को मजबूत बनाने के लिए मिलकर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
बैठक में महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष शिप्रा कुलश्रेष्ठ सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे। दो दिवसीय आयोजन का समापन समाज की एकजुटता, संगठनात्मक मजबूती और सामाजिक भागीदारी के संकल्प के साथ हुआ।
सुबोधकांत सहाय, राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा।
शिप्रा कुलश्रेष्ठ, महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष।













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