
उत्तराखंड में कांग्रेस की न्याय यात्रा के दौरान पछवादून के सेलाकुई में आयोजित कार्यकर्ता बैठक में उस वक्त हंगामे की स्थिति पैदा हो गई, जब वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत और आर्येंद्र शर्मा के समर्थक आमने-सामने आ गए। दोनों नेताओं के समर्थन में नारेबाजी शुरू होने से कार्यक्रम बाधित हो गया। स्थिति को संभालने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को काफी मशक्कत करनी पड़ी। आखिरकार चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह को खुद मंच से नीचे उतरकर समर्थकों को शांत कराना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, कांग्रेस की उत्तराखंड न्याय यात्रा शुक्रवार को पछवादून पहुंची थी। इसी क्रम में सहसपुर विधानसभा क्षेत्र के सेलाकुई में कार्यकर्ता बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और आर्येंद्र शर्मा समेत पार्टी के कई नेता मंच पर मौजूद थे। इसी दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत अपने समर्थकों के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।
बताया जा रहा है कि हरक सिंह रावत के मंच पर पहुंचते ही उनके समर्थक भी मंच पर आ गए और उनके समर्थन में नारेबाजी करने लगे। इसके जवाब में आर्येंद्र शर्मा के समर्थकों ने भी अपने नेता के समर्थन में नारे लगाने शुरू कर दिए। देखते ही देखते कार्यक्रम स्थल पर शोर-शराबा बढ़ गया और बैठक की कार्यवाही प्रभावित होने लगी।
समर्थकों की नारेबाजी से बाधित हुआ कार्यक्रम
दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच नारेबाजी तेज होने से कार्यक्रम में असहज स्थिति पैदा हो गई। मौके पर मौजूद पार्टी नेताओं ने माहौल शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति तत्काल सामान्य नहीं हो सकी। इसके बाद प्रीतम सिंह स्वयं मंच से नीचे उतरे और दोनों पक्षों के समर्थकों को शांत कराने में जुट गए।
काफी प्रयासों के बाद स्थिति को संभालने की कोशिश की गई। इस घटनाक्रम ने कांग्रेस की न्याय यात्रा के दौरान पार्टी के भीतर आपसी तालमेल और गुटबाजी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
न्याय यात्रा के बीच संगठनात्मक एकजुटता पर सवाल
कांग्रेस की ओर से प्रदेश में विभिन्न मुद्दों को लेकर न्याय यात्रा निकाली जा रही है। पार्टी इस यात्रा के जरिए जनता के बीच अपनी बात रखने और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने का प्रयास कर रही है। हालांकि, सेलाकुई की कार्यकर्ता बैठक में सामने आई नारेबाजी ने पार्टी के भीतर नेताओं के समर्थकों के बीच समन्वय को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माने जा रहे इस घटनाक्रम में अब यह देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित करने और आगामी कार्यक्रमों में ऐसी स्थिति से बचने के लिए क्या कदम उठाता है।
Reported By: Praveen Bhardwaj













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