गढ़ी कैंट स्थित महेंद्र ग्राउंड में आज तीन दिवसीय गोरखा दशै–दीपावली महोत्सव एवं राजकीय मेला 2025 का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक मानव श्रृंखला पदयात्रा से हुई, जिसका उद्घाटन गोरखाली सुधार सभा के अध्यक्ष पदम थापा ने महिला समूह की युवतियों और सिंधुली कलाकार नेपाल की पंचेबाजा प्रस्तुति के साथ किया।
यह भव्य पदयात्रा महेंद्र ग्राउंड से शुरू होकर डाकरा बाजार, टपकेश्वर मंदिर चौक, गढ़ी कैंट पोस्ट ऑफिस होते हुए पुनः महेंद्र ग्राउंड पर समाप्त हुई। यात्रा में गोरखा समुदाय की सैकड़ों महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में भाग लेकर गोरखा संस्कृति की समृद्ध विरासत का प्रदर्शन किया। पूरे मार्ग में यात्रा लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही।
मुख्य अतिथि पदम थापा ने कहा कि गोरखा समुदाय सदैव देश और समाज सेवा के लिए समर्पित रहा है और उसकी सांस्कृतिक धरोहर उसे ऊर्जा और धैर्य प्रदान करती है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
वीर गोरखा कल्याण समिति के अध्यक्ष कमल थापा ने बताया कि उत्तराखंड में गोरखा समुदाय का पर्व दशै–तिहार हिंदू परंपराओं का महत्वपूर्ण प्रतीक है, जिसे धर्म और संस्कृति की रक्षा के उद्देश्य से हर वर्ष मनाया जाता है।
महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम, पारंपरिक गोरखाली व्यंजन, लक्की ड्रॉ, झूले और बच्चों के मनोरंजन के स्टॉल आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। तीन दिवसीय यह आयोजन गोरखा समाज की एकता, परंपरा और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनकर उभरा है।
Reported By: Arun Sharma












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