
ऊधम सिंह नगर जिले के खटीमा में तीन दिवसीय ‘उत्तराखंड आदि रंगोत्सव’ का भव्य शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम और केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे जनजातीय कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य, लोकसंगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की समृद्ध जनजातीय विरासत की झलक प्रस्तुत की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और जुएल ओराम का पौधा एवं महाराणा प्रताप की प्रतिमा भेंट कर स्वागत किया। वहीं फिल्म ‘हनुमान अंश’ के कलाकारों को भी पौधा, भगवान हनुमान की गदा और नीम करौली बाबा की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया गया।
खटीमा के एकलव्य विद्यालय के लिए 10 करोड़ की घोषणा
केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 1999 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में जनजातीय मामलों के लिए पृथक मंत्रालय का गठन किया गया था। इसका उद्देश्य थारू, बोक्सा, जौनसारी समेत देश के विभिन्न जनजातीय समुदायों के सर्वांगीण विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करना था।
उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताते हुए कहा कि दोनों के साझा प्रयासों से खटीमा में एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल का निर्माण संभव हुआ है। उन्होंने खटीमा स्थित एकलव्य विद्यालय के विस्तार और सुविधाओं के विकास के लिए करीब 10 करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि करीब 4 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले हॉस्टल का टेंडर पूरा हो चुका है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। विद्यालय में 240 बालक और 240 बालिकाओं सहित कुल 480 विद्यार्थियों के अध्ययन की क्षमता होगी। उन्होंने खटीमा के एकलव्य विद्यालय के शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम की भी सराहना की।
पिथौरागढ़ में एकलव्य विद्यालय की मांग
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय मंत्रियों से पिथौरागढ़ क्षेत्र में भी एक आवासीय एकलव्य विद्यालय स्थापित करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं से जोड़कर उन्हें सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘उत्तराखंड आदि रंगोत्सव’ केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराओं, संस्कृति और गौरव का उत्सव है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ ही देश-दुनिया के सामने जनजातीय संस्कृति को प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
थारू, बोक्सा, जौनसारी और राजी संस्कृति की दिखी झलक
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने उत्तराखंड की जनजातीय विविधता की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में थारू, बोक्सा, जौनसारी और राजी सहित विभिन्न जनजातीय समुदाय निवास करते हैं। इनकी विशिष्ट संस्कृति और परंपराएं उत्तराखंड की पहचान को और समृद्ध करती हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद जनजातीय समाज के कल्याण और उनकी पहचान को नई प्राथमिकता मिली है। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने पीएम-जनमन जैसी योजनाओं के माध्यम से दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों तक विकास की पहुंच सुनिश्चित करने की बात कही।
आवास और शिक्षा पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय परिवारों को आवास, शिक्षा और रोजगार से जोड़ने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है। अटल आवास योजना के तहत ऊधम सिंह नगर जिले में 3 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई है।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत इस वर्ष आवास के लिए प्राप्त आवेदनों में करीब 28 प्रतिशत आवेदन जनजातीय समाज के परिवारों के हैं। वहीं प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत प्रथम चरण में 824 और द्वितीय चरण में 101 आवासों का निर्माण किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि बाजपुर में 100 बेड के बालक छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है। 16 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विद्यालय का निर्माण कार्य चल रहा है, जबकि बालिका छात्रावास के लिए 4 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। थारू राजकीय इंटर कॉलेज के सौंदर्यीकरण और आधुनिकीकरण का काम भी किया जा रहा है।
माउंट एवरेस्ट फतह करने वाले युवाओं को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री ने खटीमा के अंजनिया गांव निवासी बीएसएफ जवान मोहन सिंह राणा और चारूबेटा की बेटी टीला सेन को माउंट एवरेस्ट फतह करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि दोनों ने अपनी उपलब्धि से थारू समाज के साथ ही पूरे उत्तराखंड का मान बढ़ाया है और युवाओं के लिए प्रेरणा का काम किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से जनजातीय समाज को रोजगार और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। जनजातीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने, विपणन को बढ़ावा देने तथा रिवॉल्विंग फंड और निवेश सहायता के माध्यम से समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
12 राज्यों के कलाकारों ने बिखेरे संस्कृति के रंग
उत्तराखंड आदि रंगोत्सव में राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, मिजोरम और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से आए जनजातीय कलाकारों ने अपनी लोक संस्कृति, पारंपरिक नृत्य, संगीत और कला की प्रस्तुतियां दीं।
कलाकारों की रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा और लोक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद दर्शकों का मन मोह लिया। तीन दिवसीय रंगोत्सव के माध्यम से अलग-अलग राज्यों की जनजातीय संस्कृतियां एक मंच पर नजर आईं।
कार्यक्रम के अंत में सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने सभी अतिथियों, कलाकारों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
Reported By: Arun Sharma













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