हरिद्वार में जिला योजना समिति की बैठक उस वक्त तीखे टकराव में बदल गई जब बैठक की शुरुआत होते ही कांग्रेस और बसपा के विधायकों ने विरोध का मोर्चा खोल दिया। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के सभागार में पहुंचते ही विपक्षी विधायकों ने टेबल पर रखी बुकलेट उठाकर फेंक दी और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। पूरे परिसर में “धामी सरकार मुर्दाबाद” के नारे गूंजते रहे और माहौल कुछ देर के लिए पूरी तरह असंतुलित नजर आया।
कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत, रवि बहादुर और बसपा विधायक शहजाद अली समेत कई जनप्रतिनिधियों ने बैठक की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे जनहित से भटककर ठेकेदारों के हितों की बैठक करार दिया। विपक्ष का आरोप है कि विकास योजनाओं में पारदर्शिता नहीं है और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की राय को दरकिनार किया जा रहा है। बसपा विधायकों ने भी खुलकर कांग्रेस का समर्थन करते हुए बैठक के तरीके को गलत ठहराया।हंगामे के चलते कुछ समय के लिए बैठक की कार्यवाही प्रभावित रही और प्रशासनिक अधिकारियों को स्थिति संभालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। बाद में हालात सामान्य करने की कोशिश की गई, लेकिन विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा था।
इस बीच कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में बैठक जारी रही, जिसमें भाजपा के विधायक और जिला पंचायत सदस्य मौजूद रहे। दूसरी ओर कांग्रेस और बसपा के विधायक जिला कलेक्टर परिसर में धरना देकर विरोध जताते रहे। पूरे घटनाक्रम ने जिला योजना बैठक की पारदर्शिता और कार्यशैली पर नए सिरे से सवाल खड़े कर दिए हैं।
रवि बहादुर विधायक ज्वालापुर (कांग्रेस)
अनुपमा रावत विधायक हरिद्वार ग्रामीण (कांग्रेस)
शहजाद अली विधायक लक्सर (बसपा)
Reported By: Praveen bhardwaj












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