उत्तराखंड के खटीमा से एक बड़ी और दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां चक्रवाती तूफान और तेज आंधी ने भारी तबाही मचा दी। तेज हवाओं के चलते कई इलाकों में टीन शेड उड़ गए, पेड़ जड़ से उखड़ गए और मकानों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। तूफान के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी और बर्बादी का मंजर देखने को मिल रहा है।
खटीमा-मझोला राष्ट्रीय राजमार्ग पर आंधी का सबसे अधिक असर देखने को मिला। तेज हवाओं के कारण दर्जनों विशालकाय पेड़ सड़क पर गिर गए, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग-73 पूरी तरह बाधित हो गया। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात व्यवस्था ठप हो गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई घरों की छतें उड़ गईं और अनेक मकानों की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं। कच्चे और पक्के दोनों तरह के मकान इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आए हैं। कई परिवारों के आशियाने उजड़ गए हैं और उन्हें अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ रही है।
तूफान के कारण बिजली के खंभे और तार भी क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई है। बिजली गुल होने के साथ-साथ पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित होने की सूचना है, जिससे लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंच गईं। राष्ट्रीय राजमार्ग से गिरे हुए पेड़ों को हटाने और यातायात बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जिन परिवारों के मकान और संपत्ति को नुकसान पहुंचा है, उन्हें जल्द से जल्द राहत और मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। प्रशासन ने भी प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है।
फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी हैं तथा प्रशासन लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील कर रहा है।
प्रेम प्रकाश पासी ग्राम प्रधान बरी अंजनिया खटीमा
गणेश जोशी ग्रामीण
Reported By: Praveen Bhardwaj












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