उत्तराखंड सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री भरत सिंह चौधरी ने शनिवार को रुड़की स्थित माटी कला बोर्ड के प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में माटी कला से जुड़े प्रजापति समाज के कारीगरों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान स्थानीय कार्यकर्ताओं और माटी कला से जुड़े लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
कार्यक्रम के दौरान कारीगरों ने मंत्री के समक्ष मिट्टी की उपलब्धता, उस पर लगे प्रतिबंध तथा व्यवसाय से जुड़ी अन्य समस्याएं रखीं। उन्होंने मांग की कि मिट्टी की उपलब्धता को आसान बनाया जाए और माटी कला व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार पारंपरिक माटी कला के संरक्षण और इससे जुड़े कारीगरों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मिट्टी की उपलब्धता से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि आगामी कुंभ मेले में प्लास्टिक के गिलासों के विकल्प के रूप में पर्यावरण अनुकूल मिट्टी के कुल्हड़ों के उपयोग को बढ़ावा देने की योजना बनाई जा रही है। इससे एक ओर प्लास्टिक के इस्तेमाल में कमी आएगी तो दूसरी ओर माटी कला से जुड़े कारीगरों को रोजगार और आय के नए अवसर मिलेंगे।
मंत्री ने यह भी कहा कि भविष्य में चारधाम यात्रा के दौरान स्थानीय स्तर पर तैयार किए गए माटी कला उत्पादों के उपयोग और विपणन को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे प्रदेश के कारीगरों को व्यापक बाजार उपलब्ध हो सके।
उन्होंने बताया कि कारीगरों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए मिट्टी गूंथने की मशीन उपलब्ध कराने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। इससे कारीगरों की मेहनत कम होगी, उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और उनकी आजीविका को मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि माटी कला उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकार का उद्देश्य इस पारंपरिक कला का संरक्षण करने के साथ-साथ कारीगरों को आधुनिक सुविधाएं, बेहतर बाजार और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
Reported By: Arun Sharma












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