उत्तराखंड के उच्च शिक्षा मंत्री Dhan Singh Rawat ने अपने टिहरी जनपद के दो दिवसीय भ्रमण के दौरान Sri Dev Suman Uttarakhand University का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय मुख्यालय में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, आधारभूत विकास कार्यों एवं तकनीकी शिक्षा कार्यक्रमों का विस्तृत जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान डॉ. रावत ने विश्वविद्यालय परिसर में ब्रीडकुल द्वारा संचालित विभिन्न निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए निर्माण गुणवत्ता, कार्य प्रगति एवं तकनीकी मानकों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय में आधुनिक आधारभूत सुविधाओं के विकास से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
डॉ. रावत ने विश्वविद्यालय में संचालित बीसीए कक्षाओं का निरीक्षण करते हुए पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकी शिक्षा युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम है और विद्यार्थियों को नवाचार एवं डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति N. K. Joshi द्वारा विश्वविद्यालय के विकास हेतु किए जा रहे प्रयासों की भी डॉ. रावत ने सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान, तकनीकी नवाचार एवं प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है।
डॉ. रावत ने विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा आधुनिक पाठ्यक्रमों, डिजिटल शिक्षा एवं तकनीकी संसाधनों के विस्तार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को नई शिक्षा नीति के अनुरूप बताते हुए कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस दौरान कुलपति प्रो. एन. के. जोशी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) विषय पर लिखित अपनी पुस्तक उच्च शिक्षा मंत्री को भेंट की। पुस्तक का अवलोकन करते हुए डॉ. रावत ने इसे वर्तमान समय की आवश्यकता के अनुरूप महत्वपूर्ण एवं ज्ञानवर्धक पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक प्रयास विद्यार्थियों एवं शिक्षकों दोनों के लिए प्रेरणादायी सिद्ध होंगे।
इससे पूर्व डॉ. रावत ने प्रतापनगर विकासखंड के सेम-मुखेम में सहकारी समिति एवं सहकारी बैंक का भी औचक निरीक्षण किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को अधिक से अधिक लोगों तक सहकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही संस्कृत ग्राम मुखेम में संस्कृत छात्रों एवं ग्रामवासियों से संवाद करते हुए देववाणी संस्कृत के संरक्षण एवं संवर्द्धन पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार संस्कृत भाषा के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा इसी उद्देश्य से प्रदेश में संस्कृत ग्राम स्थापित किए गए हैं, जिनमें मुखेम भी शामिल है।
Reported By: Arun Sharma












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