सीएसआईआर–भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (CSIR-IIP), देहरादून में सोमवार को हिमालय दिवस के अवसर पर “ग्लोबल वार्मिंग एंड द हिमालयाज” विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वेस्ट वॉरियर्स सोसायटी (WWS), देहरादून के विशेषज्ञों के साथ संस्थान के वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर CSIR-IIP के निदेशक डॉ. हरेंद्र सिंह बिष्ट ने हिमालय दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में पर्यावरणविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जागरूकता, सामुदायिक भागीदारी, ज्ञान साझा करने और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से हिमालयी क्षेत्र के सतत विकास को बढ़ावा दिया जा सकता है।
कार्यक्रम में वेस्ट वॉरियर्स सोसायटी की मैनेजर (रिसर्च) डॉ. दीक्षा राणा और निदेशक–आउटरीच एवं एडवोकेसी नवीन कुमार सदाना ने “हिमालयी क्षेत्र में अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरणीय स्थिरता” विषय पर विचार साझा किए।
इसके बाद CSIR-IIP के वैज्ञानिक/फेलो डॉ. स्वप्निल दिवेकर ने प्रस्तुतियां दीं। चर्चा के दौरान अपशिष्ट प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन के बीच संबंधों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। साथ ही प्रभावी एवं टिकाऊ समाधान विकसित करने के लिए बेहतर डेटा प्रबंधन और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी हितधारकों के बीच सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर साथ काम करेंगे दोनों संस्थान
कार्यक्रम के दौरान CSIR-IIP और वेस्ट वॉरियर्स सोसायटी ने अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में मिलकर कार्य करने पर सहमति जताई। दोनों संस्थानों की ओर से इस दिशा में जल्द ही समझौता ज्ञापन (MoU) किए जाने की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर डॉ. महक धीमान और डॉ. भरत राणा के नेतृत्व में आयोजित क्विज प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन एवं समन्वय SCDD की ओर से किया गया। कार्यक्रम में हिमालय संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय स्थिरता को लेकर सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया।
Reported By: Arun Sharma












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