उत्तराखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम को लेकर मंगलवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई और राजनीतिक दलों से सुझाव भी प्राप्त किए गए।
बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तराखंड में मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तिथि बढ़ाकर 3 अक्टूबर 2026 निर्धारित की है। पहले अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि 15 सितंबर निर्धारित थी।
24.29 लाख से अधिक नोटिसों की सुनवाई पूरी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में 24 लाख 30 हजार मतदाताओं को जारी नोटिसों के सापेक्ष अब तक 24 लाख 29 हजार से अधिक नोटिसों की सुनवाई पूरी की जा चुकी है।
बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को बताया गया कि फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के तहत प्राप्त दावों एवं आपत्तियों में भी 40 प्रतिशत से अधिक मामलों की सुनवाई पूरी कर ली गई है।
DSE/PSE मॉड्यूल होगा लागू
बैठक में राजनीतिक दलों को यह भी जानकारी दी गई कि प्रदेश में डेमोग्राफिक सिमिलर एंट्री (DSE) एवं फोटो सिमिलर एंट्री (PSE) मॉड्यूल लागू किया जाएगा। इस मॉड्यूल के माध्यम से मतदाता सूची में समान जनसांख्यिकीय विवरण अथवा समान फोटो वाली प्रविष्टियों की पहचान की जाएगी।
ऐसे मामलों में जिन मतदाताओं के नाम सामने आएंगे, उन्हें नोटिस जारी कर जवाब देने के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा। इसके बाद प्राप्त जवाब और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाए रखने के साथ ही राजनीतिक दलों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
Reported By: Praveen Bhardwaj












Discussion about this post