Monday, November 2, 2026
  • About
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
  • Contact
  • Disclaimer
Crime Patrol
  • उत्तराखंड
  • राजनीती
  • हेल्थ
  • विश्व
  • रोजगार
  • मनोरंजन
  • फैशन
  • पर्यटन
  • धार्मिक
  • त्‍योहार
  • अर्थव्यवस्था
  • अपराध
No Result
View All Result
Crime Patrol
No Result
View All Result
Home उत्तराखंड

आईआईटी रुड़की ने टिहरी के ऊंचौन गांव में विकसित किया नया जलस्रोत, पानी की उपलब्धता दोगुनी

Crime Patrol by Crime Patrol
November 2, 2026
in उत्तराखंड
Reading Time: 1 min read
0 0
A A
0
village
1
VIEWS

हिमालयी क्षेत्रों में लगातार गहराते मौसमी जल संकट से निपटने की दिशा में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की ने महत्वपूर्ण पहल की है। संस्थान की टीम ने टिहरी जिले के कीर्तिनगर ब्लॉक स्थित ऊंचौन गांव में वैज्ञानिक तकनीक की मदद से एक नए जलस्रोत का विकास किया है। इस प्रयास से कम जल उपलब्धता वाले मौसम में गांव में पेयजल की उपलब्धता लगभग 500 लीटर प्रतिदिन से बढ़कर 1,000 लीटर या उससे अधिक हो गई है। इससे गर्मियों के दौरान पानी की किल्लत का सामना करने वाले स्थानीय परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।

https://www.crimepatrol.live/wp-content/uploads/2026/10/SWAROJGAR-EVAM-UDYAMITA-YOJANA.mp4

यह पहल टिहरी जिले के तकोली गाड जलग्रहण क्षेत्र में सूखते जलस्रोतों के पुनर्जीवन से जुड़ी परियोजना का हिस्सा है। परियोजना को नमामि गंगे और राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से वित्तपोषित किया जा रहा है। आईआईटी रुड़की इस परियोजना का प्रमुख संस्थान है, जबकि पृथ्वी विज्ञान विभाग के प्रो. अभयानंद सिंह मौर्य इसके प्रधान अन्वेषक हैं।

आईआईटी रुड़की की यह पहल तकोली गाड जलग्रहण क्षेत्र में किए गए दो शोध अध्ययनों के निष्कर्षों पर आधारित है। अलकनंदा नदी बेसिन के अंतर्गत आने वाला यह क्षेत्र लगभग 143 वर्ग किलोमीटर में फैला है। शोध में जलस्रोतों के पुनर्भरण की प्रक्रिया, भूजल के स्रोतों और पानी की रासायनिक संरचना को प्रभावित करने वाले भूवैज्ञानिक कारकों का अध्ययन किया गया।

इसे भी पढ़ें

Annual Fuction

द पॉली किड्स की तुनवला और मोहकमपुर शाखाओं का वार्षिकोत्सव धूमधाम से संपन्न

November 2, 2026
Protest

मानदेय वृद्धि को लेकर सड़कों पर उतरीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, सीएम आवास कूच रोका

November 2, 2026
Traffic

त्योहारी सीजन और वीकेंड पर ट्रैफिक संभालने के लिए देहरादून पुलिस अलर्ट, चौराहों पर मूवेबल फोर्स तैनात

November 2, 2026
Dehradun

सालावाला में 5.41 करोड़ की लागत से बनेगा दो लेन पुल, मंत्री गणेश जोशी ने किया शिलान्यास

November 2, 2026

पहला शोध अध्ययन 12 अक्टूबर 2026 को हाइड्रोलॉजिकल साइंसेज जर्नल में ऑनलाइन प्रकाशित हुआ। इसमें स्थिर एवं रेडियो समस्थानिकों, ट्रिटियम मापन और जल-मौसम विज्ञान संबंधी आंकड़ों के आधार पर जलस्रोतों के पुनर्भरण की प्रक्रिया का विश्लेषण किया गया। अध्ययन के अनुसार, जलस्रोतों के पुनर्भरण में मानसूनी वर्षा की हिस्सेदारी करीब 82 प्रतिशत है, जबकि शीतकालीन और मानसून-पूर्व वर्षा का योगदान क्रमशः 10 और 8 प्रतिशत है। इससे जलस्रोतों को बनाए रखने में मानसूनी पानी के जमीन के भीतर पहुंचने और भूजल भंडारण की अहमियत सामने आई।

दूसरा अध्ययन वर्ष 2026 में एप्लाइड जियोकेमिस्ट्री जर्नल में प्रकाशित हुआ। इसमें बताया गया कि भूवैज्ञानिक संरचनाएं और मौसमी अपक्षय प्रक्रियाएं जलस्रोतों के पानी की रासायनिक संरचना को प्रभावित करती हैं। शोध में कार्बोनेट शैलों का अपक्षय, मौसमी पुनर्भरण और मानवीय गतिविधियों को जल की रासायनिक विशेषताओं को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों के रूप में चिह्नित किया गया।

इन दोनों अध्ययनों से प्राप्त जानकारी के आधार पर आईआईटी रुड़की की टीम ने ऊंचौन गांव में जलस्रोत विकसित करने की योजना तैयार की। इसके लिए भूभौतिकीय जांच के माध्यम से जमीन के भीतर जलधारण करने वाली शैल परतों की पहचान की गई। इसके बाद जलधारण करने वाले क्षेत्रों की गहराई और विस्तार का आकलन कर ऊपरी ढलान पर कई खाइयां बनाने की योजना बनाई गई। इन खाइयों के माध्यम से सतही पानी की गति धीमी कर उसे जमीन के भीतर रिसने और भूजल पुनर्भरण में योगदान देने का अवसर मिला।

चिह्नित जलधारण क्षेत्र में एक नियंत्रित मार्ग तैयार किया गया, जिससे भूजल सतह पर आ सके। इस प्रक्रिया के परिणामस्वरूप नया जलस्रोत विकसित हुआ। यह जलस्रोत कीर्तिनगर ब्लॉक के ऊंचौन गांव, डाकघर तकोली में चंद्रबदनी मंदिर की ओर जाने वाली नवनिर्मित सड़क के किनारे बनाया गया है। इसके बाद कम पानी वाले मौसम में भी गांव में प्रतिदिन पानी की उपलब्धता बढ़कर 1,000 लीटर या उससे अधिक हो गई है।

आईआईटी रुड़की के पृथ्वी विज्ञान विभाग के प्रो. अभयानंद सिंह मौर्य ने कहा कि हिमालयी क्षेत्रों में जल संकट का समाधान करने के लिए जलस्रोतों के स्रोत, प्रवाह और मौसमी व्यवहार को समझना जरूरी है। शोध मानसूनी पुनर्भरण, भूजल भंडारण और भूवैज्ञानिक परिस्थितियों के महत्व को रेखांकित करता है। इस तरह की वैज्ञानिक जानकारी स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप जलस्रोतों के टिकाऊ प्रबंधन में मदद कर सकती है।

वहीं, आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत ने कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान का वास्तविक सामाजिक योगदान तब सामने आता है, जब वह समुदायों की समस्याओं के समाधान में सहायक बनता है। संस्थान का प्रयास वैज्ञानिक साक्ष्यों को धरातल पर लागू कर हिमालयी क्षेत्रों में जल सुरक्षा के लिए व्यावहारिक और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप समाधान विकसित करना है।

विशेषज्ञों के अनुसार, हिमालयी जलस्रोत पर्वतीय समुदायों के लिए पेयजल के प्रमुख स्रोत हैं, लेकिन इनमें से लगभग 50 प्रतिशत या तो पूरी तरह सूख चुके हैं या उनका प्रवाह गंभीर रूप से कम हो गया है। ऐसे में जलस्रोतों के पुनर्भरण को प्रभावित करने वाले भूवैज्ञानिक और जलवैज्ञानिक कारकों को समझना बेहद जरूरी है। ऊंचौन गांव में किया गया यह प्रयोग वैज्ञानिक अनुसंधान और स्थानीय स्तर पर किए गए हस्तक्षेप के जरिए ग्रामीण जल सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकता है। हालांकि, इसकी दीर्घकालिक सफलता के लिए जलस्रोत के प्रवाह और गुणवत्ता की नियमित निगरानी के साथ स्थानीय समुदाय की भागीदारी भी जरूरी होगी।

Reported By: Arun sharma

Previous Post

मानदेय वृद्धि को लेकर सड़कों पर उतरीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, सीएम आवास कूच रोका

Next Post

द पॉली किड्स की तुनवला और मोहकमपुर शाखाओं का वार्षिकोत्सव धूमधाम से संपन्न

Next Post
Annual Fuction

द पॉली किड्स की तुनवला और मोहकमपुर शाखाओं का वार्षिकोत्सव धूमधाम से संपन्न

Discussion about this post

RECOMMENDED NEWS

public service

सेवा पखवाड़ा: चिन्यालीसौड़ जन सेवा शिविर में 15 शिकायतों का मौके पर निस्तारण

4 months ago
Protest

जल संस्थान के राजकीयकरण की मांग को लेकर कर्मचारियों का धरना

4 months ago
UPNL employees

उपनल कर्मचारियों की मांगों पर मंत्री गणेश जोशी संग तीन घंटे की अहम वार्ता

12 months ago
Police

ऋषिकेश में बढ़ती अपराधियों की घुसपैठ, पुलिस ने कसा शिकंजा

7 months ago

FOLLOW US

BROWSE BY CATEGORIES

  • Blog
  • अन्तर्राष्ट्रीय
  • अपराध
  • अर्थव्यवस्था
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • त्‍योहार
  • दिल्ली
  • दुर्घटना
  • देहरादून
  • धार्मिक
  • पर्यटन
  • पुलिस
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • राजनीती
  • राष्ट्रीय
  • रोजगार
  • विश्व
  • शिक्षा
  • हेल्थ
https://www.crimepatrol.live/wp-content/uploads/2026/10/हर-दिशा-से-जुड़-रहा-.mp4

POPULAR NEWS

  • Congress

    अग्निपथ योजना रद्द करने को कांग्रेस का आंदोलन

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • मुख्यमंत्री धामी ने मां माया देवी मंदिर से छड़ी यात्रा का किया शुभारंभ

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • मानव उत्थान सेवा समिति ने चलाया स्वच्छ भारत अभियान

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • CBI की जांच की मांग को लेकर कांग्रेस करेगी कूच

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • देहरादून में भव्य रामलीला महोत्सव 2025

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Crime Patrol Logo

Crime Patrol is a trusted website that brings you real crime stories, latest news, health updates, and trending topics from around the world. Our mission is to spread awareness through true incidents, police investigations, and social issues that impact everyday life. We also provide useful health tips, wellness advice, and lifestyle content to help you stay informed and safe. Updated daily with verified and engaging content, Crime Patrol keeps you connected with reality. Whether it’s a shocking crime case or essential health info – we deliver news that matters.

Follow us on social media:

Recent News

  • द पॉली किड्स की तुनवला और मोहकमपुर शाखाओं का वार्षिकोत्सव धूमधाम से संपन्न
  • आईआईटी रुड़की ने टिहरी के ऊंचौन गांव में विकसित किया नया जलस्रोत, पानी की उपलब्धता दोगुनी
  • मानदेय वृद्धि को लेकर सड़कों पर उतरीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, सीएम आवास कूच रोका

Category

  • Blog
  • अन्तर्राष्ट्रीय
  • अपराध
  • अर्थव्यवस्था
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • त्‍योहार
  • दिल्ली
  • दुर्घटना
  • देहरादून
  • धार्मिक
  • पर्यटन
  • पुलिस
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • राजनीती
  • राष्ट्रीय
  • रोजगार
  • विश्व
  • शिक्षा
  • हेल्थ

Recent News

Annual Fuction

द पॉली किड्स की तुनवला और मोहकमपुर शाखाओं का वार्षिकोत्सव धूमधाम से संपन्न

November 2, 2026
village

आईआईटी रुड़की ने टिहरी के ऊंचौन गांव में विकसित किया नया जलस्रोत, पानी की उपलब्धता दोगुनी

November 2, 2026
  • About
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
  • Contact
  • Disclaimer

© 2025 All Rights Reserved By: Crime Patrol

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • उत्तराखंड
  • राजनीती
  • हेल्थ
  • विश्व
  • रोजगार
  • मनोरंजन
  • फैशन
  • पर्यटन
  • धार्मिक
  • त्‍योहार
  • अर्थव्यवस्था
  • अपराध

© 2025 All Rights Reserved By: Crime Patrol