सेंदाई फ्रेमवर्क (2015-2030) के लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति के लिए सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने राज्य के सभी रेखीय विभागों को 28 फरवरी तक अपने विभागीय आपदा प्रबंधन प्लान को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं केवल औपचारिक दस्तावेज न होकर विभागीय कार्यप्रणाली का अभिन्न हिस्सा बनें, ताकि आपदा के समय त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में आयोजित समीक्षा बैठक में सचिव ने स्पष्ट किया कि प्लान में आपदा से पहले, दौरान और बाद की भूमिका, जिम्मेदार अधिकारी, संसाधनों की जीआईएस मैपिंग, इमरजेंसी एक्शन प्लान, एसओपी, अर्ली वार्निंग सिस्टम, राहत-पुनर्वास व्यवस्था और डैमेज असेसमेंट की प्रक्रिया शामिल होनी चाहिए। साथ ही प्रत्येक विभाग वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार कर नियमित मॉक ड्रिल आयोजित करे।
उन्होंने कहा कि सुव्यवस्थित आपदा प्रबंधन योजना से बेहतर समन्वय, त्वरित निर्णय, संसाधनों का प्रभावी उपयोग और “बिल्ड बैक बेटर” की अवधारणा को लागू करने में मदद मिलेगी। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी अपने-अपने प्लान और तैयारियों की जानकारी दी।
Reported By: Praveen Bhardwaj












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