
देहरादून में स्मैक जैसे जानलेवा नशे के बढ़ते कारोबार को रोकने की मांग को लेकर उत्तराखंड राज्य अनुसूचित जाति/जनजाति उप योजना सदस्य जयपाल वाल्मीकि व महर्षि वाल्मीकि सेना के पदाधिकारियों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून को ज्ञापन सौंपा। एसएसपी की अनुपस्थिति में एसपी सिटी ने ज्ञापन प्राप्त किया।
जयपाल वाल्मीकि ने बताया कि रायपुर की सपेरा बस्ती, मद्रासी कॉलोनी (रेस्ट कैंप), बिंदल नदी बस्ती, व हरिद्वार रोड बाईपास की सपेरा बस्ती जैसे स्थानों पर स्मैक की खुलेआम बिक्री हो रही है, जिससे बस्तियों, कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों में युवा पीढ़ी इस नशे की चपेट में आ रही है।
उन्होंने बताया कि जब स्थानीय लोग नशे का विरोध करते हैं, तो नशा बेचने वाले उन्हें जान से मारने की धमकी तक देते हैं। 27 जुलाई को पटेल नगर की वाल्मीकि बस्ती में विरोध करने पर एक व्यक्ति पर चाकू से हमला किया गया।
ज्ञापन में मांग की गई कि इन अड्डों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि नशे की जड़ को वहीं पर समाप्त किया जा सके। जयपाल वाल्मीकि ने चेताया कि यदि जल्द ठोस नीति नहीं बनाई गई, तो यह नशा अपराध, चोरी, और घरेलू हिंसा को और बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि समय रहते ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि देहरादून को फिर से शांतिपूर्ण और नशा मुक्त शहर बनाया जा सके।
Reported By: Shiv Narayan













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