
संपूर्ण भारतवर्ष में अपनी एक अनूठी पहचान रखने वाले जौनसार बावर में जांगड़ा पर्व की शुरुआत हो गई है। पूरा जौनसार बावर महासू महाराज के जयकारों से गूंज उठा है। वहीं जौनसार बावर के आराध्य देव चालदा महासू महाराज जो कि चार भाई महासु महाराज के सबसे छोटे भाई हैं , उनकी इस बार नई भव्य देव पालकी (डोली) तैयार की गई है।पालकी को जौनसार बावर में देव आस्था का प्रतीक माना जाता है। पूर्व में महाराज की पास दो पालकियां थी खत के निर्णय और श्रद्धालुओं के दान देने पर दोनों पालकियों के धातु को मिलाकर चालदा महाराज की पालकी को नया रूप दिया गया।
जिसमें 13 किलो चांदी और 23 तोला सोने उपयोग किया गया। बता दें कि जौनसार बावर के चार महासू में से चालदा महाराज चलायमान है। जो 12 खतों में प्रवास पर रहते हैं। वर्तमान में महाराज दोहा गांव में विराजमान हैं। शाही स्नान के बाद पालकी को मंदिर में स्थापित किया गया, अब आज यानी 27 अगस्त को महाराज की पालकी दर्शन के लिए मंदिर से बाहर निकाली जाएगी।
इस अवसर पर ज्वाइंट डायरेक्टर सूचना के o एस o चौहान ने कहा कि हिमाचल,सहित दूर दराज से भक्त गण आते है। वे भी अपने आराध्य देव के चरणों में शीश नवाने आए है।
ज्वाइंट डायरेक्टर सूचना के o एस o चौहान
Reported By: Praveen Bhardwaj













Discussion about this post