केदारनाथ यात्रा मार्ग पर रविवार देर रात चीड़बासा के पास स्लाइडिंग के कारण फंसे करीब 1500 यात्रियों को SDRF, NDRF और DDRF की संयुक्त टीमों ने सुरक्षित रेस्क्यू कर गौरीकुंड पहुंचाया। लगातार पहाड़ी से पत्थर गिरने और मार्ग पर मलबा आने के कारण यात्रियों की आवाजाही बेहद जोखिमपूर्ण हो गई थी।
जानकारी के अनुसार, 27 सितंबर 2026 की देर रात DCR रुद्रप्रयाग से सोनप्रयाग पुलिस को सूचना मिली कि गौरीकुंड से करीब तीन किलोमीटर आगे चीड़बासा क्षेत्र में स्लाइडिंग के कारण बड़ी संख्या में यात्री मार्ग के दूसरी ओर फंस गए हैं। सूचना मिलते ही SDRF सोनप्रयाग की टीम उपनिरीक्षक आशीष डिमरी के नेतृत्व में तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।
चीड़बासा हैलीपैड के पास जमा हुआ मलबा
मौके पर पहुंचने पर रेस्क्यू टीम को चीड़बासा हैलीपैड के समीप यात्रा मार्ग पर स्लाइडिंग के कारण भारी मलबा जमा मिला। वहीं, पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे थे। ऐसे में यात्रियों को सुरक्षित निकालना चुनौतीपूर्ण बना हुआ था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए SDRF, NDRF और DDRF की टीमों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। टीमों ने यात्रियों को एक-एक कर सुरक्षित तरीके से स्लाइडिंग जोन पार कराया।
खतरे के बीच सुरक्षित निकाले गए यात्री
रेस्क्यू अभियान के दौरान करीब 1500 यात्रियों को सुरक्षित दूसरी ओर पहुंचाया गया, जिसके बाद उन्हें गौरीकुंड की ओर रवाना किया गया। इस दौरान रेस्क्यू टीमों ने लगातार पत्थर गिरने और दोबारा स्लाइडिंग होने के खतरे के बीच यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
संयुक्त टीमों के बेहतर समन्वय और तत्परता के चलते सभी फंसे यात्रियों को सुरक्षित निकालने में सफलता मिली। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर लगातार बदल रहे मौसम और भूस्खलन की स्थिति को देखते हुए यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेस्क्यू टीमें सतर्क बनी हुई हैं।
Reported By: Praveen Bhardwaj












Discussion about this post