उत्तराखंड में पलायन रोकने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर साल 2026-27 में सभी जिलों में ‘प्रवासी पंचायत सम्मेलन’ आयोजित किए जाएंगे___पलायन आयोग के उपाध्यक्ष एस.एस. नेगी ने बताया कि इन सम्मेलनों का मकसद उन प्रवासियों को गांव से जोड़ना है जो लौटकर रोजगार शुरू करना चाहते हैं या होमस्टे खोलना चाहते हैं_
सम्मेलनों में जिले के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे ताकि मौके पर ही योजनाओं से जोड़ा जा सके। उत्तराखंड सरकार और आयोग की कोशिश है कि जिन गांवों से लोग रोजगार के लिए देश-विदेश चले गए, उन्हें फिर से आबाद किया जाए___विदेश में बसे उत्तराखंडियों से भी अपील की जा रही है कि वो अपने क्षेत्र में आकर निवेश करें और रोजगार पैदा करें।
एस.एस. नेगी, उपाध्यक्ष, पलायन आयोग
Reported By: Praveen Bhardwaj












Discussion about this post