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उत्तराखंड में बढ़ते तापमान के साथ ही शीतकालीन प्रवास पर आए विदेशी मेहमान पक्षी अब अपने वतन की ओर लौटने लगे हैं। देहरादून के आसन और झिलमिल क्षेत्र में सर्दियों के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे प्रवासी पक्षियों की कई प्रजातियां अब वापसी की उड़ान भर रही हैं। पक्षी विशेषज्ञों के अनुसार इन पक्षियों को चमोली जिले के औली कृत्रिम झील और ज्योतिर्मठ के पास अलकनंदा बैराज लामबगड़ क्षेत्र में भी देखा गया है।
पक्षी अवलोकन विशेषज्ञ संजय कुंवर ने बताया कि शीतकालीन प्रवासी पक्षी Northern Pintail इन दिनों अपने समर डेस्टिनेशन की ओर लौट रहे हैं। लंबी यात्रा के दौरान ये पक्षी अपने उड़ान मार्ग में पड़ने वाले जलाशयों और झीलों में कुछ समय के लिए रुककर जल विहार करते हैं और सफर की थकान दूर करते हैं। इस बार औली की कृत्रिम झील में भी नॉर्दन पिनटेल के देखे जाने से पक्षी प्रेमियों में खास उत्साह है।
ज्योतिर्मठ के अलकनंदा बैराज लामबगड़ क्षेत्र में इन प्रवासी पक्षियों का एक जोड़ा प्रेमालाप और जल विहार करते हुए दिखाई दिया, जो पक्षी जगत में समर्पण और साथ की सुंदर मिसाल माना जाता है। इस दुर्लभ दृश्य को गोविंद घाट रेंज की वन क्षेत्राधिकारी चेतना काण्डपाल ने अपने भ्रमण के दौरान कैमरे में कैद किया।
विशेषज्ञों के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में हुई अच्छी बर्फबारी और बारिश के बाद मौसम अनुकूल हो रहा है, जिससे प्रवासी पक्षी अपने शीतकालीन प्रवास को समाप्त कर रहे हैं। हालांकि इस बार बढ़ती गर्मी के कारण कई पक्षी सामान्य समय से पहले ही वापसी कर रहे हैं, जबकि आमतौर पर इनकी वापसी अप्रैल महीने में देखी जाती है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रवासी पक्षियों की यह गतिविधि उत्तराखंड की जैव विविधता और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र की समृद्धि को दर्शाती है, वहीं इनकी मौजूदगी प्रकृति प्रेमियों और पक्षी पर्यवेक्षकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रहती है।
Reported By: Praveen Bhardwaj













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