Akashvani के ऐतिहासिक 90 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बुधवार को Dehradun में ‘शास्त्रीय एवं उप-शास्त्रीय संगीत संध्या’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के सभागार में किया गया, जहां भारतीय संस्कृति और संगीत की समृद्ध विरासत का मनमोहक प्रदर्शन देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि Hemant B. Ade, निदेशक भारतीय मानक ब्यूरो (देहरादून), एवं अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
स्वागत संबोधन में Kulbhushan Kumar ने कहा कि आकाशवाणी के 90 वर्षों का सफर भारतीय चेतना का सफर है और यह आयोजन हमारी कला एवं भावनाओं का उत्सव है।
मुख्य अतिथि हेमंत बी० आड़े ने कहा कि आकाशवाणी पिछले नौ दशकों से भारत की आवाज रहा है और स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आधुनिक भारत के निर्माण तक इसकी भूमिका अतुलनीय रही है। उन्होंने संगीत की विरासत को संरक्षित करने में आकाशवाणी के योगदान की सराहना की।
विशिष्ट अतिथि R. K. Banwari ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और संगीत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में आकाशवाणी देहरादून की कलाकार Sharanya Joshi ने ठुमरी, दादरा और चैती की प्रस्तुति दी। तबले पर Pradeept Dey तथा हारमोनियम पर Mahir Ahmed ने संगत की। कार्यक्रम के समापन पर Partho Ray Chowdhury ने संतूर पर राग पूरिया धनाश्री प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम प्रमुख Manjula Negi, कार्यक्रम अधिशासी Sankalp Mishra, विख्यात सितार वादक Robin Karmakar और दूरदर्शन के कार्यक्रम प्रमुख Anil Kumar Bharti सहित कई अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ उद्घोषिका Kalpana Pankaj ने किया, जबकि अंत में सहायक निदेशक (कार्यक्रम/संगीत) Ramesh Chandra ने सभी अतिथियों और कलाकारों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
Reported By: Arun Sharma












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