नैनीताल: उच्च न्यायालय (High Court) के कड़े निर्देशों के क्रम में जिला प्रशासन ने नैनीताल में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। नैनीताल-कालाढूंगी मार्ग पर सड़क किनारे अवैध रूप से लगाए जा रहे फड़ और खोखों को हटाने के लिए उपजिलाधिकारी (SDM) नवाज़िश खलिक ने खुद मोर्चे पर उतरकर कमान संभाली। इस दौरान प्रशासनिक टीम ने सड़क किनारे से अवैध दुकानें हटवाईं और फड़ कारोबारियों को दोबारा अतिक्रमण न करने की सख्त हिदायत दी।
एसडीएम ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि पर्यटन सीजन के दौरान यातायात व्यवस्था को बिगाड़ने और प्राकृतिक धरोहरों को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
सरिताताल और सूखाताल के कैचमेंट एरिया में गंदगी फैलाने पर रोक
उपजिलाधिकारी नवाज़िश ख़लीक ने बताया कि सरिताताल व सूखाताल के कैचमेंट (जलग्रहण) क्षेत्रों में सड़क किनारे अस्थाई दुकानें सजने से न सिर्फ यातायात बाधित हो रहा था, बल्कि पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा था। इस कार्रवाई के मुख्य बिंदु और प्रशासनिक फैसले इस प्रकार हैं:
ट्रैफिक जाम और गंदगी से मुक्ति: कैचमेंट क्षेत्रों में लगी इन अवैध दुकानों के कारण जहां एक ओर लगातार ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही थी, वहीं दूसरी ओर इन दुकानों से निकलने वाली गंदगी सीधे झीलों में समा रही थी। इसी को देखते हुए प्रशासन अतिक्रमण पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना रहा है।
निगरानी के लिए बनेगी विशेष कमेटी: प्रशासन अब सड़क और झीलों के किनारे लगने वाले अवैध फड़-खोखों की परमानेंट मॉनिटरिंग के लिए एक विशेष कमेटी का गठन करने जा रहा है।
प्रतिदिन होगी चेकिंग: यह नवनिर्मित कमेटी प्रतिदिन संबंधित क्षेत्रों का दौरा करेगी और अवैध रूप से फड़ लगाने वाले व्यवसायियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखेगी।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी: अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि इस अभियान और चेतावनी के बावजूद यदि कोई भी दुकानदार सड़क किनारे या प्रतिबंधित कैचमेंट एरिया में दोबारा दुकान लगाते हुए पाया गया, तो उसका सामान जब्त करने के साथ ही उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
प्राकृतिक सौंदर्य को बचाना पहली प्राथमिकता
प्रशासन का कहना है कि सरोवर नगरी नैनीताल और उसके आसपास के पर्यटन स्थलों का प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरण को सुरक्षित रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उच्च न्यायालय के आदेशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराने के लिए आने वाले दिनों में भी इस तरह के औचक निरीक्षण और ध्वस्तीकरण अभियान लगातार जारी रहेंगे।
Reported By: Rajesh Kumar













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