देहरादून के रायपुर स्थित ओप्टो इलेक्ट्रॉनिक फैक्ट्री (OLF) में डाटा एंट्री ऑपरेटर के रूप में कार्यरत 13 कर्मचारियों को 11 माह का कांट्रैक्ट समाप्त होने के बाद नौकरी से हटा दिया गया। इन कर्मचारियों का आरोप है कि नए ठेकेदार ने उनके स्थान पर अन्य लोगों की नियुक्ति कर दी और पुनः नियुक्ति के बदले प्रत्येक से ₹80,000 की रिश्वत मांगी गई।
इस अन्याय के खिलाफ कर्मचारी फैक्ट्री गेट पर आंदोलनरत हैं। कांग्रेस से संबद्ध श्रमिक संगठन इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (INTUC) के जिला अध्यक्ष अनिल कुमार और युवा इंटक प्रदेश अध्यक्ष पंकज सिंह क्षेत्री ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर कर्मचारियों को समर्थन दिया।
अनिल कुमार ने कहा कि ठेकेदारी प्रथा ने उत्तराखंड के युवाओं का शोषण किया है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं पंकज सिंह क्षेत्री ने केंद्र और राज्य सरकारों पर आरोप लगाते हुए कहा कि ठेकेदारी व्यवस्था के माध्यम से युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
इस मामले पर फैक्ट्री के चीफ जनरल मैनेजर हरीश कुमार ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही इस मुद्दे का समाधान किया जाएगा।
Reported By: Arun Sharma














Discussion about this post