जनगणना के दूसरे मुख्य चरण की तैयारियों की समीक्षा को लेकर बुधवार को प्रधान जनगणना अधिकारियों जिलाधिकारियों और नगर आयुक्तों के साथ ऑनलाइन सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में सभी जिलाधिकारियों, नगर आयुक्तों, अपर जिलाधिकारियों, मुख्य शिक्षा अधिकारियों और उपजिलाधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
सम्मेलन में अधिकारियों को जनगणना के मुख्य चरण के दौरान होने वाली विभिन्न गतिविधियों के साथ ही जनगणना कार्यों से संबंधित आवेदनों और पोर्टलों की विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान कार्मिकों की सुव्यवस्थित तैनाती को लेकर उत्तराखंड सरकार की ओर से जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के प्रावधानों से भी अधिकारियों को अवगत कराया गया।
अधिकारियों को स्पष्ट किया गया कि जनगणना अधिनियम और राज्य सरकार की एसओपी के तहत कोई भी विभाग जनगणना कार्य के लिए कार्मिक उपलब्ध कराने से इनकार नहीं कर सकता। निर्धारित प्रावधानों का पालन नहीं करने वाले विभागों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षकों की तैनाती से स्कूलों की पढ़ाई न हो प्रभावित
कार्मिकों की प्रभावी तैनाती के लिए यथासंभव उन्हें उनके तैनाती स्थल के निकट के ब्लॉकों में जनगणना ड्यूटी आवंटित की जाएगी। वहीं शिक्षकों की तैनाती के मामले में एक से अधिक शिक्षकों वाले विद्यालयों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य जनगणना ड्यूटी के कारण विद्यालयों की नियमित शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित होने से रोकना है।
सम्मेलन में चिकित्सकीय आधार पर जनगणना ड्यूटी से छूट मांगने वाले कार्मिकों के आवेदनों पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि ऐसे आवेदनों की जांच और प्रस्तुत चिकित्सकीय आधार का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आकलन करने के लिए मेडिकल बोर्ड गठित किए जाएंगे।
सम्मेलन के माध्यम से जिला और नगर निकाय स्तर के अधिकारियों को जनगणना के मुख्य चरण की तैयारियों की समीक्षा करने, संचालन संबंधी प्रक्रियाओं को स्पष्ट करने और कार्यों के बेहतर समन्वय का अवसर मिला। अधिकारियों ने पूरे उत्तराखंड में जनगणना कार्यों के प्रभावी और समन्वित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
Reported By: Arun Sharma












Discussion about this post