विरासत सांस्कृतिक संध्या के दूसरे कार्यक्रम के तहत आज प्रख्यात संतूर वादक पंडित अभय रुस्तम सोपोरी ने अपनी मनमोहक संतूर वादन प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
अभय सोपोरी ने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत राग नंद कौंस से की, जिसमें उन्होंने आलाप, जोड़ और विलंबित झपताल में वादन प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने पिता पंडित भजन सोपोरी द्वारा रचित कुछ छंद भी बजाए।
उनके साथ तबले पर पंडित मिथिलेश झा ने संगत दी।
पंडित अभय रुस्तम सोपोरी भारत की प्राचीन सोपोरी–सूफियाना संतूर परंपरा के वर्तमान खलीफा हैं और अपने संतूर वादन में गायकी और तंत्रकारी का अनोखा संगम प्रस्तुत करते हैं।
अभय रुस्तम सोपोरी, संतूर वादक
Reported By: Shiv Narayan












Discussion about this post