उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच हिंदुत्व का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। चर्चा है कि इस बार चुनावी मुकाबला विकास के साथ-साथ हिंदुत्व की पिच पर भी लड़ा जाएगा। इसी बीच उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर निशाना साधते हुए धर्म की राजनीति पर सवाल उठाए हैं।
सुरेंद्र कुकरेती ने कहा कि यदि भाजपा और कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में वास्तविक विकास किया होता तो उन्हें वोट मांगने के लिए धर्म का सहारा लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को विकास और जनहित के मुद्दों पर जनता के बीच जाना चाहिए, जबकि यह निर्णय जनता को करना है कि राज्य में वह किस प्रकार की सरकार चाहती है।
यूकेडी अध्यक्ष ने कहा कि उनके दल के कार्यकर्ता भी धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए हर स्तर पर तैयार हैं, लेकिन धर्म का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि भाजपा के साथ रहने वाला व्यक्ति ही हिंदू या धर्मनिष्ठ हो।
कुकरेती ने आरोप लगाया कि भाजपा धर्म का राजनीतिकरण कर रही है, जबकि उत्तराखंड क्रांति दल सम्मान और आस्था के साथ पूजा-अर्चना में विश्वास रखता है। उन्होंने कहा कि धर्म समाज को जोड़ने का माध्यम होना चाहिए, न कि राजनीतिक लाभ प्राप्त करने का उपकरण।
उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में हिंदुत्व और विकास के मुद्दों को लेकर बहस और तेज होने की संभावना है।
सुरेंद्र कुकरेती, केंद्रीय अध्यक्ष, उत्तराखंड क्रांति दल।
Reported By: Praveen Bhardwaj












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