रामनगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को स्टेशनरी और बुक सेलर्स की दुकानों पर अचानक छापेमारी की। इस कार्रवाई से अभिभावकों से मनमाने तरीके से पैसे वसूलने वाले दुकानदारों और स्कूल प्रबंधन में हड़कंप मच गया। टीम ने ग्राम पीरुमदारा स्थित हिम्मतपुर ब्लॉक के ग्रेट मिशन पब्लिक स्कूल में भी छापा मारा।
इस अभियान में एसडीएम और खंड शिक्षा अधिकारी स्वयं मौजूद रहे। एसडीएम ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर रामनगर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 10 दुकानों पर औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान पाया गया कि कई निजी स्कूल अभिभावकों को विशेष दुकानों से ही किताबें खरीदने के लिए बाध्य कर रहे थे। मौके पर मौजूद अभिभावकों ने भी इसकी पुष्टि की।
प्रशासन ने इसे पूरी तरह गैरकानूनी बताया है। साथ ही, ग्रेट मिशन पब्लिक स्कूल के खिलाफ शिकायत मिली थी कि एनसीईआरटी की किताबें बाजार से खरीदने को कहा जा रहा है, जबकि प्राइवेट किताबें स्कूल से ही दी जा रही हैं।
एसडीएम ने स्पष्ट किया कि कोई भी स्कूल अभिभावकों पर किसी विशेष दुकान से किताब खरीदने का दबाव नहीं बना सकता और न ही स्कूल परिसर से किताबें बेच सकता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई अभिभावक शिकायत करना चाहता है तो वह सीधे प्रशासन से संपर्क कर सकता है, उसकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
इसके अलावा, निर्धारित फीस से अधिक वसूली या एडमिशन के नाम पर दोबारा फीस लेना भी नियमों के खिलाफ है। ऐसी शिकायतों पर संबंधित स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने बताया कि इस पूरे मामले की रिपोर्ट मुख्य शिक्षा अधिकारी और जिलाधिकारी को भेजी जा रही है तथा संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
गोपाल सिंह चौहान
एसडीएम रामनगर
Reported By: Praveen Bhardwaj










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