लौहपुरुष और राष्ट्र-निर्माण के महान शिल्पी सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर परमार्थ निकेतन में आयोजित गंगा आरती उनके राष्ट्र समर्पण को समर्पित रही। इस अवसर पर श्री स्वामिनारायण गुरुकुल विश्वविद्यालय, अहमदाबाद द्वारा आयोजित सत्संग साधना शिविर का समापन भक्ति, ज्ञान और प्रेरणा से ओत-प्रोत वातावरण में हुआ।
कार्यक्रम में परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती जी, पूज्य माधवप्रिय स्वामी जी महाराज, पूज्य बाल स्वामी जी महाराज सहित अनेक संतों ने भाग लिया। देशभर से आए युवा साधक, विद्यार्थी और समाजसेवी इस दिव्य क्षण के साक्षी बने।
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स्वामी चिदानंद सरस्वती जी ने कहा कि सरदार पटेल जी राष्ट्रीय एकता, अखंडता और किसानों के सशक्तिकरण के प्रतीक थे। उन्होंने विविध रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर आधुनिक भारत की नींव रखी। स्वामी जी ने युवाओं से शिक्षा को जीवन की सार्थक दिशा बनाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
पूज्य माधवप्रिय स्वामी जी महाराज ने कहा कि सत्संग और साधना से युवा अपने भीतर विवेक, विनम्रता और संस्कारों को विकसित करते हैं। समापन सत्र में साधकों ने योग, ध्यान और राष्ट्र सेवा के संकल्प के साथ राष्ट्र एकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
Reported By: Arun Sharma














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