उत्तराखंड में चारधाम यात्रा और आगामी अर्धकुंभ को देखते हुए बद्री-केदार मंदिर समिति (BKTC) ने अपने अधीन मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर सख्त रुख अपनाने की तैयारी शुरू कर दी है। BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि गैर-हिंदू की परिभाषा को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है, जबकि संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के अनुसार सिख, बौद्ध और जैन सनातन परंपरा का ही हिस्सा हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के वर्षों में अवैध मजारों और अतिक्रमण के कारण राज्य का माहौल बिगाड़ने की कोशिशें हुई हैं। गंगा सभा सहित कई संगठनों ने हर की पौड़ी और अन्य धामों में प्रतिबंध की मांग उठाई है। समिति के अधीन 47 मंदिरों में इस प्रस्ताव को आगामी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा, जिसके बाद इसे सरकार को भेजा जाएगा।
हेमंत द्विवेदी, B.K.T.C अध्यक्ष
Reported By: Praveen Bhardwaj














Discussion about this post