देहरादून सिटीजन फोरम (DCF) की रिस्पना–बिंदाल नॉलेज सीरीज़ (भाग–2) में शहरी मोबिलिटी विशेषज्ञ अमित बघेल ने प्रस्तावित रिस्पना–बिंदाल एलिवेटेड कॉरिडोर (RBEC) परियोजना पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एलिवेटेड सड़कें ट्रैफिक जाम कम नहीं करतीं, बल्कि लंबे समय में समस्या और बढ़ा देती हैं, जिसे इंड्यूस्ड डिमांड कहा जाता है।
उन्होंने बताया कि टियर–2 शहरों की असली जरूरत मजबूत सार्वजनिक परिवहन, सुरक्षित फुटपाथ और पैदल व साइकिल चलने योग्य सड़कें हैं। देहरादून में सार्वजनिक परिवहन की हिस्सेदारी सिर्फ 6 प्रतिशत है, जिसे बेहतर सेवाओं से बढ़ाया जा सकता है। एलिवेटेड रोड के एंट्री–एग्जिट पॉइंट्स पर भारी जाम लगता है और अब तक कोई शहर इसका स्थायी समाधान नहीं खोज पाया है।
नदियों के ऊपर एलिवेटेड सड़क बनाने को उन्होंने पर्यावरण, नदी तंत्र और आसपास के रिहायशी इलाकों के लिए नुकसानदायक बताया। उन्होंने मांग की कि यदि परियोजना आगे बढ़ती है, तो इसके पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों की पूरी जानकारी पारदर्शी तरीके से जनता के सामने रखी जाए।
कार्यक्रम का संचालन ऋतु चटर्जी ने किया। भारती जैन ने सार प्रस्तुत किया और अनूप नौटियाल ने आगे भी नॉलेज सीरीज़ जारी रखने की बात कही। बैठक में 40 से अधिक स्थानीय नागरिक शामिल हुए।
Reported By: Arun Sharma












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