देहरादून स्थित वर्ल्ड इंटेग्रिटी सेंटर में सशस्त्र एवं अर्धसैनिक बल समुदाय उत्तराखंड के विभिन्न वेटरन्स संगठनों और एसडीसी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण राउंड टेबल डायलॉग आयोजित किया गया। संवाद का विषय धार्मिक सद्भाव, संवैधानिक मर्यादा और सामाजिक समरसता रहा।
कार्यक्रम में सैनिक व अर्धसैनिक वेटरन्स, विभिन्न सामाजिक वर्गों, धर्मों, आयु समूहों और महिलाओं सहित प्रबुद्ध नागरिकों ने भाग लिया। चर्चा का उद्देश्य समाज में बढ़ते ध्रुवीकरण के बीच संवाद, आपसी समझ और संवैधानिक मूल्यों को सशक्त करना था। ब्रिगेडियर सर्वेश दत्त (पहाड़ी) डंगवाल और सामाजिक कार्यकर्ता अनूप नौटियाल सह-संयोजक रहे।
वक्ताओं ने कहा कि भारत केवल भू-भाग नहीं, बल्कि संविधान, नैतिकता और सह-अस्तित्व पर आधारित विचार है। समस्या धर्म से नहीं, बल्कि उसके राजनीतिक दुरुपयोग से उत्पन्न हो रही है। हिंदू धर्म और हिंदुत्व के अंतर पर भी विचार रखते हुए कहा गया कि हिंदू धर्म एक उदार परंपरा है, जबकि हिंदुत्व एक राजनीतिक विचारधारा है।
पूर्व सैनिकों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा गया कि वर्दी किसी धर्म की नहीं, संविधान की होती है। संवाद का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि गणराज्य आस्था से नहीं, बल्कि विवेक के त्याग से डरता है। तय किया गया कि इस तरह के संवाद आगे भी जारी रहेंगे।
Reported By: Rajesh Kumar













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