Medical Lab Technologist Association Uttarakhand ने सरकार पर मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट (एमएलटी) युवाओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए स्पष्ट सेवा नियमावली बनाने, पद सृजन और भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग तेज कर दी है।
Uttarakhand में संगठन का कहना है कि राज्य गठन के 26 वर्ष बाद भी लैब तकनीशियनों के लिए कोई ठोस नीति लागू नहीं हो सकी है, जिससे सैकड़ों प्रशिक्षित युवा बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं। मांगें पूरी न होने पर संगठन ने 19 मई को सचिवालय कूच और अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी दी है।
उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में पदाधिकारियों ने कहा कि हर वर्ष बीएससी मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी के कई छात्र-छात्राएं पास हो रहे हैं, लेकिन सरकारी स्तर पर रोजगार के अवसर बेहद सीमित हैं। पंजीकरण के बावजूद अभ्यर्थियों को नौकरी नहीं मिल रही, जिससे निराशा और आक्रोश बढ़ रहा है।
संगठन ने आरोप लगाया कि आईपीएचएस 2012 मानकों के अनुसार पद सृजन और सेवा नियमावली का प्रस्ताव तैयार होने के बावजूद उसे शासन स्तर पर लंबित रखा गया है। साथ ही कई सरकारी लैब्स को निजी कंपनियों के माध्यम से संचालित किए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों में लैब तकनीशियनों की भारी कमी है, जिससे लोगों को जांच के लिए दूर जाना पड़ता है और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
संगठन ने मांग की है कि आईपीएचएस 2012 के अनुसार पदों का शीघ्र सृजन किया जाए, रिक्त पदों पर पारदर्शी भर्ती हो और आयु सीमा पार कर चुके अभ्यर्थियों को एकमुश्त आयु छूट दी जाए।
Reported By: Arun Sharma












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