देश में 9 अगस्त को मनाए जाने वाले रक्षाबंधन के त्यौहार की रौनक ऋषिकेश के बाजारों से नदारत है। इसका सबसे बड़ा कारण ऑनलाइन शॉपिंग को माना जा रहा है। बाजार में तरह-तरह की पसंदीदा राखियों की दुकान लगी हुई है। लेकिन दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बिल्कुल दिखाई नहीं दे रही है। लाखों रुपए लगाकर दुकान संचालक राखी की बिक्री को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। उन्हें राखी में लगाई गई रकम के डूबने का डर सता रहा है।
गौर तलब है कि राखी के त्यौहार में केवल सप्ताह भर का समय रह गया है। लेकिन बाजार में राखी खरीदने वाली बहनों की भीड़ दिखाई नहीं दे रही है। जगह-जगह राखी बेचने वाले दुकानदार अपनी-अपने दुकान सजा कर बैठे हैं। जिनमें बच्चों के लिए उनके पसंदीदा कार्टून से संबंधित राखियां मौजूद हैं। जबकि बड़ों के लिए कई प्रकार की रेशमी धागों से बनी राखियां ग्राहकों का इंतजार कर रही है।
घाट रोड पर राखी बेचने वाले पंकज गुप्ता ने बताया कि राखी का त्योहार इस बार फीका पड़ता हुआ नजर आ रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण पंकज गुप्ता ने घर बैठे इंटरनेट के माध्यम से ऑनलाइन शॉपिंग का होना बताया है। पंकज गुप्ता के मुताबिक घर बैठे ऑनलाइन शॉपिंग से राखियां इधर से उधर भेजी जा रही है। इसमें ना खरीदने का झंझट है। ना ही पोस्ट ऑफिस में जाकर लंबी लाइन लगाकर राखी को पोस्ट करने की चिंता है।
घर बैठे ही ऑनलाइन राखी की खरीदारी हो रही है और वह संबंधित के घर पहुंच रही है। ऐसे में बाजार में बैठे दुकानदारों को काफी नुकसान हो रहा है। दुकानदारों ने बताया कि उन्होंने राखी की खरीदारी के लिए लाखों रुपए की रकम राखी के कारोबार में लगाइ है। लेकिन बाजार में ग्राहक नदारत होने की वजह से उन्हें अपनी रकम डूबने का डर सता रहा है। उनका ये भी कहना है कि अब तो इंटरनेट से ही कलाइयों पर राखी ज्यादा बंधेंगी।












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