उत्तराखंड में मानसून के साथ ही डेंगू का प्रकोप भी बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में अब तक डेंगू के 112 मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि इनमें से 13 मरीज ही वर्तमान में एक्टिव हैं, जबकि अन्य मरीज उपचार के बाद स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं।
राजधानी देहरादून डेंगू से सबसे अधिक प्रभावित है। लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं। प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के साथ ही डेंगू की रोकथाम के लिए फॉगिंग और एंटी-लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें विभिन्न इलाकों में घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं। इस दौरान लोगों को डेंगू से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मानसून के दौरान जलभराव की स्थिति डेंगू के मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल होती है, इसलिए लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
विभाग ने लोगों से अपील की है कि घरों और आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले, टायर, छतों और अन्य स्थानों पर जमा पानी को नियमित रूप से साफ करें। इसके साथ ही मच्छरों से बचाव के लिए फुल आस्तीन के कपड़े पहनने और घरों में मच्छररोधी उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने यह भी अपील की है कि बुखार, तेज सिरदर्द, बदन दर्द या अन्य लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतें और तत्काल चिकित्सकीय सलाह लें। विभाग का कहना है कि डेंगू की रोकथाम के लिए प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों की जागरूकता और सहभागिता भी बेहद जरूरी है।
डॉ. मनोज कुमार शर्मा, सीएमओ, देहरादून।
Reported By: Praveen Bhardwaj












Discussion about this post