देहरादून में रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर कर्मचारियों ने दो माह का वेतन नहीं मिलने के विरोध में सोमवार को सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया। मंडलीय प्रबंधक (संचालन) कार्यालय, 66 गांधी रोड देहरादून में आयोजित प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने निगम प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जून और जुलाई 2026 का लंबित वेतन जल्द जारी करने की मांग की।
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर धरना-प्रदर्शन के चौथे दिन कर्मचारियों ने सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक दो घंटे का सांकेतिक प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा कि दो माह से वेतन नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने निगम प्रबंधन से जल्द से जल्द वेतन भुगतान की मांग की।
परिषद के अनुसार, जब तक कर्मचारियों को लंबित वेतन का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक मंडलीय प्रबंधक (संचालन) कार्यालय में सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक प्रतिदिन सांकेतिक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।
कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे दिन होगा आंदोलन
कर्मचारी संगठन ने चेतावनी दी कि यदि निगम प्रबंधन की ओर से वेतन भुगतान को लेकर जल्द कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है, तो आंदोलन को दूसरे चरण में ले जाया जाएगा। इसके तहत पूरे दिन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और देहरादून मंडल के सभी डिपो के अधिक से अधिक पदाधिकारियों और कर्मचारियों से आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया जाएगा।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि चार दिन से धरना चलने के बावजूद निगम प्रबंधन की ओर से वेतन के संबंध में न तो कोई आश्वासन दिया गया है और न ही वार्ता के लिए बुलाया गया है। कर्मचारियों ने इसे निगम प्रबंधन की हठधर्मिता करार देते हुए नाराजगी जताई।
कर्मचारी नेताओं ने रखी अपनी बात
सोमवार के धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता अनूप पेटवाल ने की, जबकि संचालन भूप्पी बुडोला ने किया। प्रदर्शन में प्रांतीय उपमहामंत्री विपिन बिजल्वाण, प्रदेश कोषाध्यक्ष अनुराग नौटियाल, मंडलीय अध्यक्ष मुकेश नैथानी, मंडलीय मंत्री दिनेश सती सहित संगठन के कई पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि वेतन कर्मचारियों का मूल अधिकार है और दो माह से वेतन लंबित रहने से कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने निगम प्रबंधन से जल्द वेतन भुगतान करने और कर्मचारियों की समस्याओं पर वार्ता करने की मांग की।
संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।












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