अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में महिला उत्तरजन सोसाइटी के सहयोग से “स्त्री हिंसा का सच बनाम स्त्री समानता का कठिन स्वप्न” विषय पर संगोष्ठी आयोजित हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. वीणा बाना ने की, जबकि मुख्य अतिथि प्रो. रचना नौटियाल रहीं। मुख्य वक्ताओं में डॉ. हिमांशु बौड़ाई और पीसीएस अधिकारी रामेंद्री मंद्रवाल शामिल थीं।

वक्ताओं ने कहा कि स्त्री हिंसा समाज में महामारी की तरह बढ़ रही है और घरेलू हिंसा के मामलों में 30% वृद्धि दर्ज की जा रही है। महिलाओं के अधिकारों और समानता पर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
कार्यक्रम में निबंध व चित्रकला प्रतियोगिता में भाग लेने वाली छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, महिलाएं और छात्राएं उपस्थित रहीं।
Reported By: Shiv Narayan














Discussion about this post