हरिद्वार। नगर निगम प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान रोड़ी बेलवाला क्षेत्र में पंजीकृत स्ट्रीट वेंडर्स की हाथ ठेलियां तोड़े जाने के विरोध में शनिवार को स्थानीय लघु व्यापारियों ने नगर निगम परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम प्रशासन पर उत्पीड़न और शोषण का आरोप लगाते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन को उत्तराखंड लघु व्यापार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय चोपड़ा ने अपने साथियों के साथ समर्थन दिया। फेरी समिति सदस्य एवं लघु व्यापारी नेता नरेश तोमर और शिवकुमार गुप्ता ने आरोप लगाया कि वर्ष 2018 में नगर निगम द्वारा रोड़ी बेलवाला क्षेत्र के स्ट्रीट वेंडर्स का सर्वे कर उन्हें पहचान पत्र और कारोबारी लाइसेंस जारी किए गए थे। साथ ही क्षेत्र में 600 वेंडर्स के लिए वेंडिंग जोन भी चिन्हित किया गया था।
व्यापारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर स्वनिधि योजना के तहत नगर निगम को इन पंजीकृत लघु व्यापारियों को योजनाबद्ध तरीके से व्यवस्थित करना चाहिए था, लेकिन इसके विपरीत उनके रोजगार के साधनों को नुकसान पहुंचाया गया।
धरना-प्रदर्शन के दौरान हरिद्वार नगर निगम की मेयर के प्रतिनिधि एवं वरिष्ठ भाजपा नेता सुभाष जैसलमेर ने व्यापारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि यदि किसी अधिकारी ने नियमों के विरुद्ध कार्रवाई कर पंजीकृत स्ट्रीट वेंडर्स की हाथ ठेलियां तुड़वाई हैं, तो पूरे मामले की जांच कर दोषी अधिकारी के खिलाफ फेरी नीति नियमावली के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उत्तराखंड लघु व्यापार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय चोपड़ा ने कहा कि 24 जून की मध्यरात्रि को पंजीकृत लाइसेंसधारी स्ट्रीट वेंडर्स की हाथ ठेलियां तोड़ा जाना बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि रोड़ी बेलवाला क्षेत्र के सभी रेहड़ी-पटरी कारोबारी अपने रोजगार की सुरक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं और संगठन उनके आंदोलन का पूरा समर्थन करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड नगरीय फेरी नीति नियमावली-2016 का उल्लंघन करने वाले नगर निगम अधिकारियों की जांच की मांग को लेकर शीघ्र ही एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और शहरी विकास मंत्री से मुलाकात करेगा।
फेरी समिति सदस्य नरेश तोमर और शिवकुमार गुप्ता ने मांग की कि रोड़ी बेलवाला क्षेत्र के स्थानीय लघु व्यापारियों के लिए दीनदयाल उपाध्याय पार्किंग के निकट उचित प्रबंधन के साथ स्थायी वेंडिंग जोन विकसित किया जाए, ताकि केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के अनुरूप उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक स्वरोजगार उपलब्ध कराया जा सके।
Reported By: Arun Sharma












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