
पतंजलि योगपीठ में रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के स्नेह, प्रेम और सामाजिक समरसता के संदेश के साथ मनाया गया। इस अवसर पर योग गुरु स्वामी रामदेव ने बहनों से राखी बंधवाकर उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।
स्वामी रामदेव ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करने वाला पर्व नहीं है, बल्कि यह समाज में प्रेम, एकता और भाईचारे का संदेश देने का भी अवसर है। उन्होंने समाज से जाति, वर्ग और समुदाय के आधार पर होने वाले भेदभाव को समाप्त करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि वेद की दृष्टि में सभी के लिए समानता का भाव है। स्त्री-पुरुष, जाति या समुदाय के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। स्वामी रामदेव ने कहा कि दलित, शोषित और वंचित वर्ग हो या ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य—किसी भी व्यक्ति का अपमान लोकतांत्रिक, संवैधानिक और सामाजिक मूल्यों के खिलाफ है।
राजनीतिक दलों को भी संदेश देते हुए स्वामी रामदेव ने कहा कि पक्ष और विपक्ष को आपसी वैमनस्य छोड़कर देशहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि राजनीतिक दल एक-दूसरे को राखी बांधकर संसद से लेकर सड़क तक लोकतंत्र, संविधान, राष्ट्रीय एकता और अखंडता को सर्वोच्च रखने का संकल्प लें।
स्वामी रामदेव, योग गुरु
Reported By: Praveen Bhardwaj













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