उत्तराखंड सरकार सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा रही है। सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज अपने शासकीय आवास पर विभागीय समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को व्यावसायिक नवाचारों को प्रोत्साहित करने, सहकारी बैंकों में 10 लाख नए खाते खोलने और माइक्रो एटीएम के वितरण की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश दिए।
बैठक में डॉ. रावत ने कहा कि सहकारी संस्थाओं को नई सोच और तकनीक के साथ जोड़ने की आवश्यकता है ताकि वे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक प्रभावी सेवाएं पहुंचा सकें। उन्होंने अधिकारियों से नए बिजनेस प्लान तैयार करने और सहकारी योजनाओं को ज़मीनी स्तर पर लागू करने पर विशेष बल दिया।
सहकारिता मंत्री ने पैक्स (PACS) कंप्यूटराइजेशन की धीमी प्रगति पर नाराज़गी जताते हुए इसे शीघ्र गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित सहकारी योजनाओं में उत्तराखंड की प्रगति संतोषजनक नहीं है, और सभी खामियों की शीघ्र पहचान कर उन्हें दूर किया जाना चाहिए।
डॉ. रावत ने घोषणा की कि अगस्त से राज्य की शीर्ष सहकारी संस्थाओं की मासिक समीक्षा स्वयं करेंगे, जिनमें शहरी सहकारी संस्थाएं, रेशम फेडरेशन, लेबर फेडरेशन, उपभोक्ता संघ और हॉर्टिकल्चर फेडरेशन जैसी संस्थाएं शामिल हैं।
उन्होंने हाल ही में आयोजित “सहकारिता मंथन” और गुजरात सहकारी मॉडल से प्राप्त अनुभवों के आधार पर उत्तराखंड में सहकारिता के क्षेत्र में नवाचार लाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।
सरकार का उद्देश्य सहकारिता को एक मजबूत आर्थिक स्तंभ के रूप में स्थापित करना है, जिससे राज्य के अंतिम व्यक्ति तक वित्तीय और सामाजिक लाभ पहुंचाया जा सके।
Reported By: Shiv Narayan












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