परमार्थ निकेतन में गोवर्धन पूजा और अन्नकूट महोत्सव हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर भव्य पूजा-अर्चना और विशेष अन्नकूट भोग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का संदेश दिया गया। परमार्थ निकेतन ने कहा कि गोवर्धन पूजा केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति सम्मान और हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है।
इस अवसर पर अनेक प्रकार के व्यंजन भगवान श्रीकृष्ण और गोवर्धन पर्वत को अर्पित किए गए तथा विश्व शांति और समृद्धि के लिए विशेष प्रार्थना की गई। परमार्थ निकेतन ने सभी देशवासियों से प्रकृति की रक्षा, जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का संकल्प लेने की अपील की।
Reported By: Arun Sharma














Discussion about this post