सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पाँच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में “सहकार से समृद्धि – उत्तराखंड की प्रगति” थीम पर आयोजित सहकारिता सप्ताह कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रदेश में सहकारिता के माध्यम से किसानों, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वरोजगार को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाँच वर्ष पूर्व देश में अलग सहकारिता मंत्रालय का गठन कर सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा दी। उन्होंने बताया कि देश के पहले सहकारिता मंत्री के रूप में अमित शाह को जिम्मेदारी सौंपी गई, जिसके बाद सहकारिता क्षेत्र में व्यापक बदलाव देखने को मिले हैं।
उन्होंने कहा कि 29 जून से 6 जुलाई तक पूरे देश में सहकारिता सप्ताह के तहत वृक्षारोपण, किसान गोष्ठी, सहकारिता सम्मेलन सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। सरकार ने इस दौरान देशभर में एक करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
डॉ. रावत ने बताया कि आज सहकारिता विभाग देश के करोड़ों लोगों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विभाग बन चुका है। उत्तराखंड में लगभग 30 लाख किसान सहकारिता से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रदेश के दो लाख किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक मजबूती मिलेगी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के सहकारी बैंकों ने उल्लेखनीय प्रगति करते हुए 300 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है। साथ ही राज्य में इस वर्ष 55 नई सहकारी बैंक शाखाएं भी खोली गई हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार हुआ है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में कई अभिनव प्रयोग कर रही है। “सहकार से समृद्धि” की सोच को धरातल पर उतारते हुए सहकारिता के माध्यम से रोजगार, स्वरोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य सहकारिता आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाकर उत्तराखंड के समग्र विकास को नई ऊँचाइयों तक ले जाना है।
डॉ. धन सिंह रावत, सहकारिता मंत्री, उत्तराखंड सरकार
Reported By: Praveen Bhardwaj












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