
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सौ वर्ष पूर्ण होने पर पूरे देश भर में संघ संचलन के माध्यम से शताब्दी वर्ष को पर्व के रूप में मनाया जा रहा है। वही कुछ दिन पहले राजधानी देहरादून के दून मेडिकल कॉलेज के छात्रों के द्वारा भी पथ संचलन किया गया। जिसको लेकर प्रदेश कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने शिक्षा के मंदिरों को संघ की विचारधारा में लाने का काम करने की बात कही है, दसौनी का कहना है की मेडिकल कॉलेज जैसे संस्थान ज्ञान, विज्ञान और मानवीय सेवा के प्रतीक हैं न कि किसी राजनीतिक या सांप्रदायिक संगठन के शक्ति प्रदर्शन का स्थल, ऐसे आयोजनों से न केवल शिक्षा का वातावरण दूषित होता है बल्कि छात्रों की विचारधारा में भी इसका प्रभाव पड़ सकता हैं।
वही दसौनी के इस बयान पर पलटवार करते हुए राजयसभा सांसद नरेश बंसल ने कहा की कांग्रेस कल में स्कूल कॉलेज में तुष्टिकरण की शिक्षा प्रदान की जाती थी साथ ही देश के महापुरुषों के बारे में गलत जानकारियां दी जाती थी, जिसका जवाब कांग्रेस को देना चाहिये। नई सरकार के माध्यम से नई शिक्षा नीति के जरिए यदि छात्रों को सही इतिहास व सही नायको का प्रतिपालन किया जा रहा है तो ये सब कांग्रेस पचा नही पा रही है, कांग्रेस के सभी नेता हमेशा से तुष्टिकरण की राजनीति करते आये है जो की निंदनीय हैं।
गरिमा दसौनी, प्रदेश प्रवक्ता, प्रदेश कांग्रेस, उत्तराखण्ड
नरेश बंसल, राजयसभा सांसद
Reported By: Arun Sharma













Discussion about this post