देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में जनगणना कार्य निदेशालय, गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जनगणना 2027 के प्रथम चरण—मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की तैयारियों की विस्तृत जानकारी साझा की गई। पीआईबी देहरादून के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में निदेशक श्रीमती इवा आशीष श्रीवास्तव ने अब तक की प्रगति और आगामी कार्ययोजना पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में 10 से 23 अप्रैल 2026 के बीच 62,000 से अधिक नागरिकों ने डिजिटल माध्यम से स्व-गणना पूरी की, जिसमें देहरादून जिला सबसे आगे रहा। राज्य में इस कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए 20,859 प्रगणकों और 3,670 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है, जिन्हें विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इस प्रशिक्षण में एचएलओ मोबाइल एप के माध्यम से डिजिटल कार्यप्रणाली की जानकारी भी दी गई।
डिजिटल नवाचार के तहत राज्य को 29,567 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स में विभाजित कर उनके डिजिटल मानचित्र तैयार किए गए हैं। इनका उपयोग प्रगणक फील्ड में करेंगे, जिससे कार्य अधिक सटीक और समयबद्ध तरीके से पूरा हो सकेगा। सीएमएमएस पोर्टल के माध्यम से सभी ब्लॉक्स का आवंटन भी पूरी तरह डिजिटल रूप में किया गया है।
निदेशक ने जानकारी दी कि 25 अप्रैल 2026 से “हर द्वार, दस्तक” अभियान के तहत पूरे प्रदेश में मकान सूचीकरण का कार्य शुरू होगा, जो 24 मई 2026 तक चलेगा। इस दौरान प्रगणक प्रत्येक घर का दौरा कर 33 प्रश्नों के आधार पर आवश्यक जानकारी एकत्र करेंगे। यह चरण जनगणना 2027 की नींव साबित होगा।
उन्होंने यह भी बताया कि भारत के इतिहास में पहली बार जनगणना पूरी तरह मोबाइल एप आधारित डिजिटल प्रणाली के माध्यम से की जा रही है, जो डिजिटल इंडिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही नागरिकों को साइबर धोखाधड़ी से सतर्क रहने की भी अपील की गई।
अंत में इवा आशीष श्रीवास्तव ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे प्रगणकों को सहयोग दें और सही जानकारी उपलब्ध कराकर इस राष्ट्रीय महत्व के अभियान को सफल बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
Reported By: Arun Sharma












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