
उत्तराखंड में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने के लिए परिवहन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेश में जल्द ही 138 नई इलेक्ट्रिक बसें पहुंचने जा रही हैं। इनमें से 60 बसें राज्य में पहुंच चुकी हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जल्द हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। ये बसें हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून और रुड़की में संचालित की जाएंगी।
परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने बताया कि राज्य में यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिवाली के बाद इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा एक्सपायर हो चुकी बीएस-4 बसों को हटाकर उनके स्थान पर 200 नई बीएस-6 बसें भी परिवहन विभाग के बेड़े में शामिल की जाएंगी। इन बसों के जल्द उत्तराखंड पहुंचने की उम्मीद है।
परिवहन मंत्री ने बताया कि दिल्ली जैसे बड़े शहरों के लिए यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से वॉल्वो और मर्सिडीज बेंज बसों के संचालन को लेकर अनुबंध की प्रक्रिया भी चल रही है। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को आरामदायक परिवहन सुविधा मिल सकेगी।
उन्होंने बताया कि सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) पॉलिसी के तहत 22 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसें भी जल्द प्रदेश को मिलेंगी। इससे सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों की भागीदारी बढ़ेगी और प्रदेश की अन्य राज्यों से कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिलेगी।
प्रदीप बत्रा ने परिवहन विभाग के कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल को लेकर कहा कि कर्मचारी यूनियनों के साथ वार्ता कर उनकी समस्याओं का समाधान किया गया है। इसके चलते प्रस्तावित हड़ताल टल गई है। उन्होंने कहा कि सरकार परिवहन कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के साथ यात्रियों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रदीप बत्रा, परिवहन मंत्री, उत्तराखण्ड।
Reported By: Praveen Bhardwaj













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